योगी सरकार का रामलीला मैदानों पर बड़ा दांव: 23 परियोजनाओं को मंजूरी, करोड़ों का बजट जारी

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योगी सरकार का रामलीला मैदानों पर बड़ा दांव: 23 परियोजनाओं को मंजूरी, करोड़ों का बजट जारी

सारांश

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 14 से अधिक जिलों में रामलीला मैदानों को आधुनिक सांस्कृतिक केंद्रों में बदलने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू किया है — 23 परियोजनाओं को मंजूरी, पहली किस्त जारी, और दो एजेंसियों को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी। यह धार्मिक विरासत और पर्यटन को एक साथ साधने की कोशिश है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने रामलीला मैदानों के विकास के लिए 23 परियोजनाओं को मंजूरी दी और पहली किस्त जारी की।
भदोही, लखनऊ, गोरखपुर, रामपुर, गोंडा, फतेहपुर, उन्नाव सहित 14 से अधिक जिले इस योजना में शामिल हैं।
गोरखपुर के खजनी रामलीला मैदान के लिए ₹2.79 करोड़ , रामपुर के बिलासपुर मैदान के लिए ₹2.99 करोड़ और गोंडा के बरियाडी स्थल के लिए ₹3.39 करोड़ स्वीकृत।
सात जनपदों की परियोजनाएँ सीएनडीएस को, शेष यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई हैं।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने गुणवत्ता और समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 मई 2025 को राज्य के विभिन्न जनपदों में रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और समग्र विकास के लिए 23 परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की पहली किस्त जारी की जा चुकी है और निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया भी तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। यह पहल योगी सरकार की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और आधुनिकीकरण की व्यापक नीति का हिस्सा है।

किन जिलों में होगा विकास

राज्य सरकार ने भदोही, लखनऊ, हरदोई, गोरखपुर, प्रतापगढ़, रामपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर, गोंडा, उन्नाव, बिजनौर, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और कुशीनगर समेत कई जनपदों में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें ऐतिहासिक रामलीला स्थलों का जीर्णोद्धार, बाउंड्रीवाल निर्माण और मंच पुनर्निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

गोरखपुर के खजनी स्थित रामलीला मैदान के विकास के लिए ₹2.79 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। रामपुर के बिलासपुर रामलीला मैदान के लिए ₹2.99 करोड़ और गोंडा के महराज परमहंस बरियाडी स्थित रामलीला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए ₹3.39 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान का विकास, मोहनलालगंज क्षेत्र के कई गाँवों में बाउंड्रीवाल निर्माण तथा गोरखपुर की गीता वाटिका स्थित श्रीरामलीला मंच का पुनर्निर्माण भी इस योजना में शामिल है। फतेहपुर, उन्नाव और भदोही में ऐतिहासिक रामलीला स्थलों के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर दिया गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि इन स्थलों को सांस्कृतिक आयोजनों के आधुनिक और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों और समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएँ।

कार्यान्वयन की जिम्मेदारी

मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, सात जनपदों की परियोजनाओं की जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को सौंपी गई है, जबकि शेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड करेगा। यह दोहरी एजेंसी व्यवस्था कार्य की गति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।

आम जनता पर असर

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि रामलीला उत्तर प्रदेश की सबसे व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। इन स्थलों के आधुनिकीकरण से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता होगी। उत्तर प्रदेश में सरकारी निर्माण परियोजनाओं में देरी और गुणवत्ता की शिकायतें नई नहीं हैं — दो अलग एजेंसियों को जिम्मेदारी देना समन्वय की चुनौती भी पैदा कर सकता है। यह भी देखना होगा कि इन स्थलों को 'आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र' बनाने की परिकल्पना स्थानीय परंपराओं और समुदायों की भागीदारी के साथ आगे बढ़ती है या केवल ढाँचागत निर्माण तक सिमटकर रह जाती है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में रामलीला मैदानों के विकास के लिए कितनी परियोजनाएँ मंजूर की गई हैं?
योगी सरकार ने राज्य के विभिन्न जनपदों में रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए 23 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की पहली किस्त जारी हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
किन जिलों में रामलीला मैदानों का विकास होगा?
भदोही, लखनऊ, हरदोई, गोरखपुर, प्रतापगढ़, रामपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर, गोंडा, उन्नाव, बिजनौर, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और कुशीनगर समेत 14 से अधिक जिले इस योजना में शामिल हैं। इन जिलों में ऐतिहासिक रामलीला स्थलों का जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाएगा।
गोरखपुर और गोंडा के रामलीला मैदानों के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ है?
गोरखपुर के खजनी स्थित रामलीला मैदान के लिए ₹2.79 करोड़ और गोंडा के महराज परमहंस बरियाडी स्थित रामलीला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए ₹3.39 करोड़ मंजूर किए गए हैं। रामपुर के बिलासपुर रामलीला मैदान के लिए ₹2.99 करोड़ स्वीकृत हुए हैं।
इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन कौन करेगा?
सात जनपदों की परियोजनाओं की जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को दी गई है, जबकि शेष परियोजनाओं का कार्य यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड करेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दोनों एजेंसियों को गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
रामलीला मैदानों के विकास से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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