योगी सरकार का रामलीला मैदानों पर बड़ा दांव: 23 परियोजनाओं को मंजूरी, करोड़ों का बजट जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 मई 2025 को राज्य के विभिन्न जनपदों में रामलीला मैदानों के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और समग्र विकास के लिए 23 परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की पहली किस्त जारी की जा चुकी है और निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया भी तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। यह पहल योगी सरकार की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और आधुनिकीकरण की व्यापक नीति का हिस्सा है।
किन जिलों में होगा विकास
राज्य सरकार ने भदोही, लखनऊ, हरदोई, गोरखपुर, प्रतापगढ़, रामपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर, गोंडा, उन्नाव, बिजनौर, हमीरपुर, फर्रुखाबाद और कुशीनगर समेत कई जनपदों में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें ऐतिहासिक रामलीला स्थलों का जीर्णोद्धार, बाउंड्रीवाल निर्माण और मंच पुनर्निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
प्रमुख परियोजनाओं का विवरण
गोरखपुर के खजनी स्थित रामलीला मैदान के विकास के लिए ₹2.79 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। रामपुर के बिलासपुर रामलीला मैदान के लिए ₹2.99 करोड़ और गोंडा के महराज परमहंस बरियाडी स्थित रामलीला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए ₹3.39 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान का विकास, मोहनलालगंज क्षेत्र के कई गाँवों में बाउंड्रीवाल निर्माण तथा गोरखपुर की गीता वाटिका स्थित श्रीरामलीला मंच का पुनर्निर्माण भी इस योजना में शामिल है। फतेहपुर, उन्नाव और भदोही में ऐतिहासिक रामलीला स्थलों के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि इन स्थलों को सांस्कृतिक आयोजनों के आधुनिक और आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों और समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएँ।
कार्यान्वयन की जिम्मेदारी
मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, सात जनपदों की परियोजनाओं की जिम्मेदारी सीएनडीएस संस्था को सौंपी गई है, जबकि शेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड करेगा। यह दोहरी एजेंसी व्यवस्था कार्य की गति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।
आम जनता पर असर
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि रामलीला उत्तर प्रदेश की सबसे व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है। इन स्थलों के आधुनिकीकरण से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।