ईंधन कीमतें: वैश्विक संकट में भारत ने उत्पाद शुल्क में ₹10 की कटौती कर उठाया बोझ — पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 मई 2026 को मुंबई में कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित रही है, क्योंकि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कटौती कर यह आर्थिक बोझ स्वयं वहन किया। गोयल के अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व का परिणाम है।
वैश्विक संकट और भारत की ईंधन नीति
मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व में उत्पन्न अस्थिरता के कारण दुनिया के अनेक देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं। भारत में इस प्रभाव को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती का रास्ता चुना। गोयल ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व की वजह से केंद्र सरकार ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ खुद उठाया है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मध्य पूर्व की स्थिति को देखते हुए कई नीतिगत बदलावों पर विचार जारी है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
किसानों को राहत: उर्वरक सब्सिडी में ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त व्यय
गोयल ने बताया कि उर्वरक क्षेत्र में भी सरकार ने किसानों की जेब पर बोझ न पड़े, इसके लिए करीब ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त खर्च वहन किया है। खाद की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे केंद्र सरकार को लाखों-करोड़ों रुपए की सब्सिडी देनी पड़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की कीमतें भी दबाव में हैं।
एविएशन सेक्टर को राहत: ATF पर VAT 18% से घटाकर 7%
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर वैट घटाने के फैसले पर गोयल ने कहा कि यह कदम नागर विमानन और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। सरकार ने ATF पर VAT को 18% से घटाकर 7% करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नागर विमानन क्षेत्र इस समय काफी दबाव में है और यह फैसला दीर्घकाल में इस सेक्टर को मजबूती देगा। विपक्ष शासित राज्यों पर टिप्पणी करते हुए गोयल ने कहा कि अब बहुत कम राज्य ऐसे बचे हैं जिन्होंने यह कदम नहीं उठाया और उन्हें भी इस फैसले से सीख लेनी चाहिए।
PM मोदी की सुरक्षा पर चिंता
प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर गोयल ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में कटौती विपक्ष की मांग पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के स्वयं के निर्देश पर हुई है। उन्होंने कहा, 'हम प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मैं आग्रह करूंगा कि उनकी सुरक्षा कम नहीं की जानी चाहिए। वह देश के प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ विश्व के एक बड़े नेता भी हैं।'
ईंधन बचत की अपील
गोयल ने बताया कि सरकार के सभी मंत्री और विभाग मिलकर अनावश्यक खर्चों में कटौती और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के प्रयास कर रहे हैं। आम जनता से भी ईंधन बचाने और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की अपील की जा रही है। वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितता को देखते हुए सरकार की यह दोहरी रणनीति आने वाले महीनों में और अधिक परीक्षित होगी।