भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: अगले महीने अमेरिकी टीम का भारत दौरा संभव, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार, 15 मई को बताया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम जून 2025 में भारत आ सकती है। हालांकि, दौरे की सटीक तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह संभावित यात्रा अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड पैक्ट) की प्रक्रिया को गति देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
वार्ता की ताज़ा स्थिति
अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा, 'हमें उम्मीद है कि अमेरिकी टीम जल्द भारत आएगी... संभवतः अगले महीने।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता निरंतर जारी है और उचित समय पर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे पहले, भारत के वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम 20 से 23 अप्रैल के बीच वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मिली थी।
अप्रैल वार्ता में हुई प्रगति
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 24 अप्रैल को बताया था कि वॉशिंगटन में हुई बैठकों में बाज़ार पहुँच, गैर-शुल्क बाधाएँ, तकनीकी व्यापार अवरोध, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुरक्षा तथा डिजिटल व्यापार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक प्रगति हुई। मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'बैठकें सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुईं... दोनों देशों ने इस गति को बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई।'
अमेरिकी राजदूत का रुख
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'हम व्यापार के अवसर बढ़ाने, नियामकीय बाधाओं को कम करने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि दोनों देशों को फायदा मिल सके।'
भारतीय निवेश और रोज़गार सृजन
गोर ने बताया कि भारतीय कंपनियाँ टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में $20.5 अरब से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 6 मई को 12 भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में $1.1 अरब के निवेश की घोषणा की। उनके अनुसार, 'ये साझेदारियाँ अमेरिका में वास्तविक रोज़गार पैदा कर रही हैं और मज़बूत सप्लाई चेन बना रही हैं।'
समझौते की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक और लाभकारी व्यापार के लिए अंतरिम समझौते के ढाँचे पर सहमति जताई थी। इस ढाँचे में व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई थी। अमेरिकी टीम का संभावित दौरा इसी क्रम में अगला निर्णायक पड़ाव होगा।