नोएडा सेफ सिटी परियोजना: 561 संवेदनशील स्थानों पर लगेंगे 1,949 CCTV कैमरे, CEO ने दिए अहम निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा सेफ सिटी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में 15 मई 2026 को नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में एक निर्णायक बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के 561 संवेदनशील स्थानों पर 1,949 सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने की और महिलाओं, बच्चों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को इस परियोजना में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, सतीश पाल, विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर, महाप्रबंधक एस.पी. सिंह तथा वरिष्ठ प्रबंधक (वि./यॉ.) तृतीय रविंद्र कुमार उपस्थित रहे। इनके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, यातायात पुलिस के अधिकारी और नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा सेफ सिटी परियोजना के लिए नियुक्त परामर्शदाता भी मौजूद रहे।
परामर्शदाता द्वारा तैयार प्रस्ताव और सुरक्षा संबंधी बिंदुओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें पुलिस विभाग द्वारा चिह्नित 561 संवेदनशील स्थानों की सूची और उन पर प्रस्तावित तकनीकी उपायों का ब्यौरा साझा किया गया।
मुख्य घटनाक्रम: CEO ने बढ़ाई आपातकालीन बटनों की संख्या
प्रस्तुतीकरण में शुरुआत में पहले चरण में 100 स्थानों पर आपातकालीन बटन लगाने की योजना रखी गई थी। हालांकि, बैठक के बाद CEO कृष्णा करुणेश ने सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए इस संख्या को संशोधित कर 147 स्थानों तक बढ़ाने के निर्देश दिए — यह पहले प्रस्ताव से 47% अधिक है।
गौरतलब है कि आपातकालीन बटन महिलाओं और बच्चों को संकट की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता बुलाने की सुविधा देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई शहर महिला सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
तकनीकी ढाँचा: कैमरे, नंबर प्लेट डिटेक्टर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम
परियोजना के तहत शहर में निम्नलिखित तकनीकी उपकरण स्थापित किए जाएंगे:
1,949 सीसीटीवी कैमरे — पुलिस द्वारा चिह्नित 561 संवेदनशील स्थानों पर। 100 स्थानों पर नंबर प्लेट डिटेक्टर कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे संदिग्ध वाहनों की पहचान और निगरानी सुलभ होगी। यातायात प्रबंधन और नागरिकों को त्वरित सूचना देने के लिए 20 स्थानों पर वेरीएबल मैसेज साइन बोर्ड स्थापित होंगे। सार्वजनिक घोषणाओं और आपातकालीन सूचनाओं के प्रसार के लिए 418 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जाएंगे।
परियोजना का व्यापक उद्देश्य
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, सेफ सिटी परियोजना लागू होने के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को इसमें सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
आगे क्या होगा
बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर परामर्शदाता संशोधित प्रस्ताव तैयार करेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यातायात पुलिस के साथ समन्वय में परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा दोनों क्षेत्रों में एक साथ इसे लागू किए जाने की योजना है, जिससे पूरे क्षेत्र में एकीकृत सुरक्षा निगरानी तंत्र स्थापित हो सके।