गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ के जरिए अपराधियों की निगरानी को किया हाईटेक
सारांश
Key Takeaways
- गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ लागू किया है।
- इस ऐप के माध्यम से अपराधियों की निगरानी को सरल बनाया गया है।
- 2009 गांवों और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग की गई है।
- पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और संगठित बनाया गया है।
- भविष्य में तकनीकी संसाधनों का और अधिक उपयोग होगा।
नोएडा, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों का सहारा लेने का निर्णय लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मार्गदर्शन में विकसित की गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित ‘यक्ष ऐप’ को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
इस एप्लीकेशन के माध्यम से अपराधियों, गैंग, हिस्ट्रीशीटरों और बीट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का डिजिटल संकलन और अद्यतन तेजी से किया जा रहा है। कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले तीनों जोन- नोएडा जोन, सेंट्रल नोएडा जोन और ग्रेटर नोएडा जोन- इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए जुटे हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित हो गई है।
पुलिस द्वारा ‘यक्ष ऐप’ के माध्यम से पूरे जिले के गांवों और मोहल्लों की मैपिंग का कार्य भी संपन्न हो चुका है। कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 2009 ग्राम और मोहल्लों की डिजिटल मैपिंग की गई है। इस मैपिंग से हर क्षेत्र की भौगोलिक और प्रशासनिक जानकारी अब डिजिटल रूप में उपलब्ध हो गई है। इससे बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण में तेजी लाने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, जिले के सभी थानों की 822 बीटों में जनसंख्या संबंधी विवरण का पूर्ण पंजीकरण भी किया जा चुका है। यह डेटा पुलिस को क्षेत्रवार सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगा। ‘यक्ष ऐप’ पर अब तक जिले के विभिन्न थानों से जुड़े 20,537 अपराधियों का विवरण दर्ज किया जा चुका है, जिनमें से 19,931 अपराधियों का सत्यापन भी पूरा हो चुका है। शेष अपराधियों के सत्यापन की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे जल्द ही यह कार्य पूर्णता की ओर बढ़ेगा।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में वर्तमान में 189 गैंग सूचीबद्ध हैं और इन सभी गैंगों का विवरण भी ‘यक्ष ऐप’ पर दर्ज किया गया है। इससे गैंग और उनके सदस्यों की गतिविधियों पर निगरानी रखना आसान हो गया है और समय पर कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिल रही है। साथ ही जिले के सभी थानों में दर्ज 1073 हिस्ट्रीशीटरों का भी पूर्ण पंजीकरण इस ऐप पर किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी अधिक प्रभावी होगी और संगठित अपराध पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि ‘यक्ष ऐप’ के माध्यम से अपराधियों, गैंगों, हिस्ट्रीशीटरों और क्षेत्रीय सूचनाओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे पुलिसिंग को पारदर्शी, संगठित और परिणामोन्मुख बनाने में सहायता मिल रही है। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।