गौतमबुद्धनगर में पुलिस फ्लैग मार्च, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ी सुरक्षा सतर्कता
सारांश
Key Takeaways
- फ्लैग मार्च का आयोजन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु किया गया।
- अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की।
- कानून-व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है।
- सामाजिक तनाव को कम करने के लिए सक्रियता बढ़ाई गई।
- अफवाहों से बचने के लिए जागरूकता फैलाने का प्रयास।
नोएडा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मार्गदर्शन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून/व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र की निगरानी में बुधवार को जिले के कई संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग का आयोजन किया गया।
इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बड़े पुलिस बल के साथ क्षेत्रों का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया, जिससे आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने का प्रयास किया गया। 15 अप्रैल 2026 को चलाए गए इस विशेष अभियान के अंतर्गत, पुलिस टीमों ने कई प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त की।
अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति शांति भंग करने, अराजकता फैलाने या अफवाहों के माध्यम से माहौल को खराब करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीसीआर और पीआरवी वाहनों को सक्रिय और भ्रमणशील रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस की उपस्थिति से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा का एहसास बढ़ा, जबकि असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में थाना फेस-1 क्षेत्र में एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने स्थानीय पुलिस बल और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ मिलकर फुट पेट्रोलिंग की। उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए आम जन से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने जनता से संवाद स्थापित कर उन्हें अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।