उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने लागू की जीरो टॉलरेंस नीति: डॉ. प्रशांत कुमार
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प्रयागराज/लखनऊ, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शिता और नकल-मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि आगामी परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति को संपूर्ण रूप से लागू किया जाएगा, जिससे शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता की गारंटी मिलेगी।
उन्होंने आगे बताया कि इसके लिए आयोग मुख्यालय में एक अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। यहां पर दो दर्जन से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली स्क्रीन और एआई कैमरे लगाए गए हैं, जिससे परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर रियल-टाइम में नजर रखी जा सकेगी। यह व्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और नकलविहीन बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के साथ-साथ आधुनिक निगरानी तंत्र को भी अपनाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा को पूर्ण ईमानदारी से दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। आयोग सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित कर रहा है।