दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना कम, 18-23 सितंबर तक AQI 'ग्रीन जोन' में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमानों के अनुसार, नई दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 18 से 23 सितंबर 2026 के बीच बारिश की संभावनाएँ काफी हद तक कम हो गई हैं। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा, और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अधिकांश इलाकों में संतोषजनक 'ग्रीन जोन' में बना हुआ है।
तापमान और आर्द्रता का पूर्वानुमान
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 18 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता 60 से 70 प्रतिशत के बीच रहेगी तथा आसमान में आंशिक बादल देखे जाएंगे।
19 और 20 सितंबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जबकि न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहेगा। 19 तारीख को आर्द्रता 55 से 70 प्रतिशत और 20 तारीख को 55 से 65 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 21, 22 और 23 सितंबर को दिल्ली का आसमान 'मुख्यतः साफ' रहेगा। इन तीनों दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहेगा, जबकि न्यूनतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता
वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर राहत की खबर है। दिल्ली के प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 100 से नीचे यानी 'ग्रीन जोन' में दर्ज किया गया है। आया नगर (62), बवाना (58), अशोक विहार (70), कैंटोनमेंट एरिया (71), कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (71), अलीपुर (74) और चाँदनी चौक (83) — सभी में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में है।
हालाँकि, आनंद विहार (86) और बुराड़ी क्रॉसिंग (95) में AQI 100 के करीब पहुँच रहा है, फिर भी अभी यह संतोषजनक श्रेणी में ही बना हुआ है।
NCR के अन्य शहरों की स्थिति
नोएडा के सेक्टर-62 (81) और सेक्टर-1 (92) में हवा ग्रीन जोन में है। लेकिन सेक्टर-125 (111) और सेक्टर-116 (117) में AQI 100 के पार जाकर 'मध्यम' श्रेणी में पहुँच गया है, जो ध्यान देने योग्य है।
गाजियाबाद में गोविंदपुरम (44) में हवा सबसे स्वच्छ है। इंदिरापुरम (61) और वसुंधरा (61) भी ग्रीन जोन में हैं। लोनी (92), वेद विहार-लोनी (86) और संजय नगर (98) में भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के विदाई के करीब पहुँचने के साथ दिल्लीवासी प्रदूषण की वापसी की आशंका से सतर्क हैं। गौरतलब है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने के मौसम में दिल्ली-NCR का AQI तेज़ी से खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है।
फिलहाल बादलों की छाँव से तेज़ धूप में कुछ राहत मिलती रहेगी और प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से नीचे बना है — जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल संकेत है। आने वाले हफ्तों में मौसम और वायु गुणवत्ता दोनों पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।