पंजाब भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा': चार राज्यव्यापी मार्च आज से, 30 सितंबर को अमित शाह की रैली
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई ने 18 सितंबर 2026 से राज्य में चार राज्यव्यापी 'नशा मुक्त पंजाब यात्राएं' शुरू कीं, जो 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी और कुल मिलाकर लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले ड्रग्स के मुद्दे को राजनीतिक केंद्र में स्थापित करने की BJP की रणनीति का हिस्सा है। सभी चार यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में एकत्र होंगी, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।
चारों यात्राओं का मार्ग और कार्यक्रम
पहली यात्रा को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर स्थित एकता स्थल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, कपूरथला और जालंधर के विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब के गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब से शुरू होगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मत्था टेकने के बाद इसे हरी झंडी दिखाएंगी। यह यात्रा लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, रोपड़, होशियारपुर, नवांशहर और फगवाड़ा से होते हुए जालंधर पहुँचेगी।
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का में सादिकी बॉर्डर के निकट आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इसे रवाना करेंगे। यह यात्रा फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना और मलेरकोटला से होकर आगे बढ़ेगी।
चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो के गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से रवाना होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर और पटियाला से होते हुए जालंधर की ओर बढ़ेगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार और विपक्षी दलों के बीच नशे की समस्या को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ड्रग्स का मुद्दा एक बार फिर पंजाब की राजनीति में निर्णायक स्थान ले रहा है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है और हर प्रमुख दल ने इसे अपने चुनावी एजेंडे में रखा है।
BJP ने इस अभियान को महज नशा-विरोधी जन जागरूकता अभियान बताया है, परंतु पार्टी नेताओं ने साथ ही कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए हैं, जो इसके व्यापक राजनीतिक संदेश को रेखांकित करते हैं।
पंजाब भाजपा महासचिव का बयान
पंजाब BJP के महासचिव और यात्रा प्रभारी राजेश बाघा ने बताया कि चारों यात्राएं मिलकर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आम जनता को जागरूक करने का प्रयास है।
आगे क्या होगा
सभी चार यात्राएं 30 सितंबर 2026 को जालंधर में एकत्रित होंगी, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। यह रैली BJP के लिए 2027 के चुनावी अभियान की आधिकारिक शुरुआत मानी जा रही है। नशे के मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर हो रहा यह अभियान आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीतिक बहस की दिशा तय कर सकता है।