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पंजाब भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा': चार राज्यव्यापी मार्च आज से, 30 सितंबर को अमित शाह की रैली

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पंजाब भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा': चार राज्यव्यापी मार्च आज से, 30 सितंबर को अमित शाह की रैली

सारांश

2027 के पंजाब चुनावों से पहले BJP ने नशे के मुद्दे पर बड़ा दांव खेला है — चार यात्राएं, 4,000 किलोमीटर, 117 विधानसभा क्षेत्र और आखिर में अमित शाह की जालंधर रैली। यह महज जन जागरूकता नहीं, AAP सरकार को घेरने की सुनियोजित रणनीति है।

मुख्य बातें

पंजाब BJP ने 18 सितंबर 2026 से चार 'नशा मुक्त पंजाब यात्राएं' शुरू कीं, जो कुल 4,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।
यात्राएं राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी।
पहली यात्रा को BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट के माधोपुर से रवाना किया।
चारों यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में मिलेंगी, जहाँ गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।
अभियान को 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP सरकार के खिलाफ BJP की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई ने 18 सितंबर 2026 से राज्य में चार राज्यव्यापी 'नशा मुक्त पंजाब यात्राएं' शुरू कीं, जो 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी और कुल मिलाकर लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले ड्रग्स के मुद्दे को राजनीतिक केंद्र में स्थापित करने की BJP की रणनीति का हिस्सा है। सभी चार यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में एकत्र होंगी, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।

चारों यात्राओं का मार्ग और कार्यक्रम

पहली यात्रा को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर स्थित एकता स्थल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, कपूरथला और जालंधर के विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।

दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब के गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब से शुरू होगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मत्था टेकने के बाद इसे हरी झंडी दिखाएंगी। यह यात्रा लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, रोपड़, होशियारपुर, नवांशहर और फगवाड़ा से होते हुए जालंधर पहुँचेगी।

तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का में सादिकी बॉर्डर के निकट आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इसे रवाना करेंगे। यह यात्रा फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना और मलेरकोटला से होकर आगे बढ़ेगी।

चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो के गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से रवाना होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर और पटियाला से होते हुए जालंधर की ओर बढ़ेगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार और विपक्षी दलों के बीच नशे की समस्या को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ड्रग्स का मुद्दा एक बार फिर पंजाब की राजनीति में निर्णायक स्थान ले रहा है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है और हर प्रमुख दल ने इसे अपने चुनावी एजेंडे में रखा है।

BJP ने इस अभियान को महज नशा-विरोधी जन जागरूकता अभियान बताया है, परंतु पार्टी नेताओं ने साथ ही कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए हैं, जो इसके व्यापक राजनीतिक संदेश को रेखांकित करते हैं।

पंजाब भाजपा महासचिव का बयान

पंजाब BJP के महासचिव और यात्रा प्रभारी राजेश बाघा ने बताया कि चारों यात्राएं मिलकर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आम जनता को जागरूक करने का प्रयास है।

आगे क्या होगा

सभी चार यात्राएं 30 सितंबर 2026 को जालंधर में एकत्रित होंगी, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। यह रैली BJP के लिए 2027 के चुनावी अभियान की आधिकारिक शुरुआत मानी जा रही है। नशे के मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर हो रहा यह अभियान आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीतिक बहस की दिशा तय कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पंजाब में यह मुद्दा हर चुनाव से पहले उठता आया है। असली सवाल यह है कि 4,000 किलोमीटर की यात्रा और जालंधर रैली के बाद BJP के पास ड्रग्स संकट के लिए क्या ठोस नीतिगत विकल्प है — जो AAP के वादों से अलग और विश्वसनीय हो। केंद्रीय मंत्रियों और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हरी झंडी दिखाने की ज़िम्मेदारी देना यह भी संकेत देता है कि BJP इसे केवल राज्य-स्तरीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय छवि का अभियान बनाना चाहती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्त पंजाब यात्रा क्या है?
यह पंजाब BJP द्वारा 18 से 21 सितंबर 2026 के बीच शुरू की गई चार राज्यव्यापी मार्च यात्राएं हैं, जो 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर कुल 4,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। इनका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना बताया गया है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 चुनावों की तैयारी मानते हैं।
चारों यात्राएं कहाँ से शुरू हो रही हैं?
पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से, दूसरी 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से, तीसरी 20 सितंबर को फाजिल्का के सादिकी बॉर्डर से और चौथी 21 सितंबर को तलवंडी साबो के गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। सभी यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में एकत्रित होंगी।
30 सितंबर की जालंधर रैली में कौन संबोधित करेंगे?
30 सितंबर 2026 को जालंधर में आयोजित जनसभा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। यह चारों यात्राओं का समापन बिंदु होगा और BJP के पंजाब चुनाव अभियान की बड़ी राजनीतिक सभा मानी जा रही है।
इस अभियान का पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह अभियान AAP सरकार पर नशे की समस्या को लेकर दबाव बनाने की BJP की कोशिश है। नशे का मुद्दा पंजाब में लंबे समय से संवेदनशील रहा है और BJP ने कानून-व्यवस्था व भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी इस अभियान से जोड़ा है।
इन यात्राओं को कौन-कौन से केंद्रीय नेता रवाना करेंगे?
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अलग-अलग यात्राओं को हरी झंडी दिखाएंगे। यह भागीदारी अभियान की राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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