अमित शाह ने वडनगर से दिखाई हरी झंडी, 600 बाइकर्स की 'वडनगर से वाराणसी' यात्रा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 17 सितंबर 2026 को गुजरात के वडनगर से 'वडनगर से वाराणसी' बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाई — यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत आयोजित की गई है। पीएम मोदी के जन्मस्थान से रवाना हुई यह रैली कई राज्यों के गाँवों से गुज़रते हुए उनकी जनसेवा का संदेश फैलाएगी।
यात्रा का मार्ग और स्वरूप
बाइक अभियान की योजना के अनुसार, वडनगर से लगभग 300 बाइकर्स और वाराणसी से 300 बाइकर्स एक साथ रवाना हुए, जिससे कुल प्रतिभागियों की संख्या 600 हो गई। दोनों दल मिलकर लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे और 10 राज्यों के 193 जिलों तथा 1,159 गाँवों से होकर गुज़रेंगे।
वडनगर वाला दल 7 राज्यों से होकर गुज़रेगा, जबकि वाराणसी से शुरू हुई समानांतर यात्रा उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से रवाना हुई। दोनों यात्राएँ 7 अक्टूबर 2026 को समाप्त होंगी — वह तारीख जब 2001 में मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे।
गृह मंत्री का संबोधन
वडनगर कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह यात्रा पीएम मोदी के जन्मस्थान को उनकी 'कर्मभूमि' वाराणसी से जोड़ेगी और उनके काम का संदेश देशभर के नागरिकों तक पहुँचाएगी। उन्होंने कहा, 'राइडर्स रास्ते में पड़ने वाले गाँवों से गुज़रेंगे और पीएम मोदी की 25 साल की जनसेवा की जानकारी देंगे।'
शाह ने यह भी कहा कि इस अभियान का एक उद्देश्य युवा पीढ़ी को पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा से परिचित कराना है। यात्रा शुरू होने से पहले गृह मंत्री ने हटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रधानमंत्री के 'लंबे और स्वस्थ जीवन' की कामना की।
सेवा संकल्प अभियान की पृष्ठभूमि
यह बाइक यात्रा BJP के 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने तक चलेगा। अभियान में सेवा पहल, सार्वजनिक कार्यक्रम और पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा को रेखांकित करने वाले आयोजन शामिल हैं। गौरतलब है कि 17 सितंबर पीएम मोदी का जन्मदिन है, और इस वर्ष उन्होंने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे किए हैं।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह अभियान 10 राज्यों के 1,159 गाँवों को सीधे छूने का लक्ष्य रखता है, जिससे ग्रामीण मतदाताओं और युवाओं तक BJP की पहुँच बढ़ाने की रणनीति स्पष्ट दिखती है। रैली के माध्यम से पीएम मोदी के शासन-काल की योजनाओं और उपलब्धियों को स्थानीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।
दोनों दलों का 7 अक्टूबर को निर्धारित मिलन-बिंदु इस यात्रा को BJP के आगामी संगठनात्मक कैलेंडर से भी जोड़ता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि अभियान किन राज्यों में सबसे अधिक जनसमर्थन जुटा पाता है।