सेवा संकल्प यात्रा: 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गांवों से गुज़रेगी BJP की 40,000 किमी बाइक रैली
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता वीडी शर्मा ने 15 सितंबर 2026 को गांधीनगर में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प यात्रा' का आयोजन किया जाएगा, जो 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों से होकर गुज़रेगी। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।
यात्रा का मार्ग और स्वरूप
शर्मा ने बताया कि 'सेवा संकल्प यात्रा' वडनगर से वाराणसी तक निकाली जाएगी। यह बाइक रैली करीब 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। रैली में 200 से अधिक बाइक सवार सेवा यात्री शामिल होंगे, जिन्हें 25-25 लोगों के समूहों में विभाजित किया जाएगा। भारतीय जनता युवा मोर्चा और युवाओं के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा की शुरुआत सेवा के संकल्प के साथ होगी।
उद्घाटन समारोह में दिग्गज नेता
वडनगर से शुरू होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे। वहीं वाराणसी से शुरू होने वाली यात्रा के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेता मौजूद रहेंगे।
यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रम
वीडी शर्मा के अनुसार, यात्रा के दौरान युवा संवाद, ग्राम चौपाल, पौधरोपण और स्वच्छता जैसे विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन पौधरोपण अभियान भी चलाया जाएगा और जहाँ-जहाँ यात्रा पहुँचेगी, वहाँ स्थानीय लोगों को भी अपने स्तर पर पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सेवा और जनभागीदारी की भावना को प्रोत्साहित करना बताया गया है।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र
वीडी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सुशासन के कारण करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हुआ है और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब BJP अपने शीर्ष नेता के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को एक बड़े जन-अभियान के रूप में प्रस्तुत कर रही है। गौरतलब है कि इस तरह की यात्राएँ और रैलियाँ न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होती हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर युवाओं को जोड़ने का भी माध्यम बनती हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखा जाएगा कि 40,000 किलोमीटर की इस विशाल यात्रा का ज़मीनी असर किस रूप में सामने आता है।