15 सितंबर 2026
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रक्षा खडसे का आइजोल दौरा: मिजोरम में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की समीक्षा, साई सेंटर में एथलीटों से मुलाकात

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रक्षा खडसे का आइजोल दौरा: मिजोरम में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की समीक्षा, साई सेंटर में एथलीटों से मुलाकात

सारांश

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे का आइजोल दौरा महज़ एक प्रशासनिक भेंट नहीं था — यह पूर्वोत्तर की खेल क्षमता को राष्ट्रीय एजेंडे में केंद्र में लाने का प्रयास था। SAI सेंटर निरीक्षण, खेलो इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर और लालरेम्सियामी जैसी प्रेरक कहानियाँ — सबने मिलकर इस संदेश को पुष्ट किया कि पूर्वोत्तर भारत की खेल यात्रा में अब केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।

मुख्य बातें

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 सितंबर 2026 को आइजोल में मिजोरम के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की समीक्षा की।
मिजोरम के खेल राज्य मंत्री पु लालनघिंग्लोवा हमार से केंद्र-राज्य खेल सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
SAI के आइजोल सेंटर में एथलीटों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ से सीधी बातचीत की गई; असिस्टेंट डायरेक्टर शिवम यादव भी उपस्थित रहे।
खेलो इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत आइजोल SAI सेंटर में सिंथेटिक हॉकी टर्फ और लाइटिंग कार्य प्रगति पर है।
हॉकी खिलाड़ी लालरेम्सियामी हमरजोटे — मिजोरम की पहली महिला ओलंपियन और पहली एशियाई खेल पदक विजेता — को अर्जुन पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है।
खडसे ने पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण और प्रतिस्पर्धा के अवसरों पर बल दिया।

केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 सितंबर 2026 को आइजोल का दौरा कर मिजोरम के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की व्यापक समीक्षा की। इस दौरे में उन्होंने खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, एथलीटों को बेहतर सहयोग देने और पूर्वोत्तर के खेल प्रतिभाओं के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में सशक्त खेल संस्कृति विकसित करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

मुख्य घटनाक्रम

आइजोल पहुँचने पर रक्षा खडसे का स्वागत मिजोरम सरकार के खेल और युवा सेवा राज्य मंत्री पु लालनघिंग्लोवा हमार ने किया। दोनों के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय, खेल सुविधाओं के विकास और युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसके बाद खडसे ने आइजोल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) सेंटर का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने वहाँ की खेल अवसंरचना का मूल्यांकन किया और एथलीटों, कोचों तथा सहयोगी स्टाफ से सीधी बातचीत की। SAI के असिस्टेंट डायरेक्टर शिवम यादव भी इस दौरे में उपस्थित थे।

एथलीटों से संवाद और सरकार की प्राथमिकताएँ

एथलीटों के साथ बातचीत में खडसे ने उनकी ट्रेनिंग दिनचर्या, प्रतिस्पर्धी अनुभवों और भविष्य की आकांक्षाओं को ध्यान से सुना। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, वैज्ञानिक समर्थन, पुनर्वास, पोषण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर दिलाने की ज़रूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक समग्र एथलीट विकास पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जहाँ बुनियादी ढाँचे को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल विज्ञान, पुनर्वास, पोषण और नियमित प्रतिस्पर्धा के अनुभव से परिपूर्ण किया जाए।

खेलो इंडिया और SAI की पूर्वोत्तर में भूमिका

SAI की पूर्वोत्तर में सशक्त उपस्थिति है, जो इस क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं के विकास और खेल प्रचार कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाती है। खडसे ने रेखांकित किया कि यह संस्थागत सहयोग खेलो इंडिया योजना की पहलों के साथ मिलकर युवा एथलीटों को जमीनी स्तर की भागीदारी से प्रतिस्पर्धी खेल की ओर ले जाने वाले व्यापक मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

गौरतलब है कि आइजोल के SAI ट्रेनिंग सेंटर में सिंथेटिक हॉकी टर्फ बिछाने और लाइटिंग के लिए खेलो इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत काम किया जा रहा है, जो राज्य में हॉकी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लालरेम्सियामी: मिजोरम की प्रेरक खेल प्रतिभा

खडसे ने हॉकी खिलाड़ी लालरेम्सियामी हमरजोटे का उदाहरण देते हुए मिजोरम की असाधारण खेल क्षमता को रेखांकित किया। लालरेम्सियामी मिजोरम की पहली महिला ओलंपियन और पहली एशियाई खेल पदक विजेता हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने से पहले थेनजोल में SAI अकादमी में प्रशिक्षण लिया था। उन्हें अर्जुन पुरस्कार 2025 के लिए भी चुना गया है और वे यह सम्मान पाने वाली मिजोरम की पहली खिलाड़ी हैं।

आगे की राह

इस दौरे ने स्पष्ट किया कि युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा SAI पूर्वोत्तर में एथलीट-केंद्रित एवं सुलभ खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। खडसे ने कहा कि मिजोरम और संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र के अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें, इसके लिए बेहतर सुविधाएँ, युवा प्रतिभाओं के लिए अवसर और केंद्र-राज्य सहयोग अनिवार्य हैं। इस यात्रा के बाद पूर्वोत्तर में खेल निवेश की दिशा और गति दोनों पर नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु असली कसौटी यह है कि इन यात्राओं के बाद जमीन पर क्या बदलता है। पूर्वोत्तर में खेल बजट और SAI सेंटरों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है, फिर भी इस क्षेत्र से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचने वाले एथलीटों की तादाद अभी भी उसकी क्षमता से कम है। लालरेम्सियामी जैसी सफलताएँ अपवाद हैं, नियम नहीं — और जब तक थेनजोल जैसे छोटे केंद्रों तक संसाधन नियमित रूप से नहीं पहुँचते, तब तक केंद्र-राज्य सहयोग की बातें बैठकों तक सीमित रहने का जोखिम बना रहता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा खडसे ने आइजोल दौरे में क्या किया?
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 15 सितंबर 2026 को आइजोल में SAI सेंटर का निरीक्षण किया और मिजोरम के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की समीक्षा की। उन्होंने एथलीटों, कोचों और राज्य के खेल मंत्री से बातचीत कर खेल अवसंरचना और केंद्र-राज्य सहयोग पर चर्चा की।
आइजोल SAI सेंटर में खेलो इंडिया के तहत क्या काम हो रहा है?
खेलो इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत आइजोल के SAI ट्रेनिंग सेंटर में सिंथेटिक हॉकी टर्फ बिछाने और लाइटिंग का काम हो रहा है। यह मिजोरम में हॉकी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया गया है।
लालरेम्सियामी हमरजोटे कौन हैं और उनका अर्जुन पुरस्कार से क्या संबंध है?
लालरेम्सियामी हमरजोटे मिजोरम की हॉकी खिलाड़ी हैं, जो राज्य की पहली महिला ओलंपियन और पहली एशियाई खेल पदक विजेता हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है और वे यह पुरस्कार पाने वाली मिजोरम की पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने थेनजोल में SAI अकादमी से अपना करियर शुरू किया था।
पूर्वोत्तर में SAI की क्या भूमिका है?
SAI की पूर्वोत्तर में सक्रिय उपस्थिति है और यह क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान, विकास और प्रशिक्षण में केंद्रीय भूमिका निभाती है। खेलो इंडिया योजना के साथ मिलकर SAI युवा एथलीटों को जमीनी स्तर से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा तक पहुँचाने का काम करती है।
मिजोरम के किन खेलों में विशेष क्षमता मानी जाती है?
रक्षा खडसे ने कहा कि मिजोरम ने फुटबॉल और हॉकी में खासतौर पर उल्लेखनीय खेल क्षमता दिखाई है। राज्य के एथलीटों की उपलब्धियाँ संस्थागत समर्थन और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण सुविधाओं के महत्व को रेखांकित करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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