रक्षा खडसे ने गुवाहाटी में केआईएससीई असम और हाई परफॉर्मेंस सेंटर का किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 24 मई 2026 को गुवाहाटी स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) असम और हाई परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने एथलीट्स, कोचों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद किया और पूर्वोत्तर भारत में तेज़ी से विकसित हो रहे हाई-परफॉर्मेंस खेल इकोसिस्टम की स्थिति का मूल्यांकन किया।
किन सुविधाओं का लिया जायज़ा
हाई परफॉर्मेंस सेंटर में खडसे ने स्पोर्ट्स साइंस लेबोरेटरी, रिकवरी और रिहैबिलिटेशन यूनिट्स, शारीरिक और बायोमैकेनिकल मूल्यांकन सुविधाएं तथा एथलीट सहायता प्रणालियों का बारीकी से निरीक्षण किया। यह केंद्र इंजरी मैनेजमेंट, रिकवरी, गति विश्लेषण और प्रदर्शन संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीकी प्रणालियों से सुसज्जित है। इस दौरे ने भारत के खेल इकोसिस्टम में खेल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डेटा-आधारित एथलीट विकास की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
एथलीट्स से संवाद और प्रोत्साहन
विभिन्न खेल विधाओं से जुड़े एथलीट्स के साथ बातचीत में रक्षा खडसे ने उनके समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने एथलीट्स को अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जमीनी स्तर पर खेल के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण वातावरण विकसित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को भी रेखांकित किया।
मंत्री का बयान
इस अवसर पर रक्षा खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल बुनियादी ढाँचे, एथलीट सहायता प्रणालियों और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों में व्यापक विस्तार देख रहा है। उन्होंने कहा कि केआईएससीई असम और हाई परफॉर्मेंस सेंटर जैसे केंद्र प्रतिभा को निखारने और एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
दौरे में शामिल अधिकारी
मंत्री के साथ इस दौरे में खेल और युवा कल्याण विभाग के विशेष सचिव कौसर जमील हिलाली, विभाग के निदेशक अंकुर भराली, साई गुवाहाटी के क्षेत्रीय निदेशक डीके मित्तल, केआईएससीई असम के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्वोत्तर के खेल भविष्य पर फोकस
रक्षा खडसे ने खेलो इंडिया इकोसिस्टम के अंतर्गत चल रहे एथलीट विकास कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के युवा एथलीट्स के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं तक पहुँच को और सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र को खेल प्रतिभाओं के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ज़ोर दे रही है।