भारतीय साइकिलिंग को नई दिशा: रक्षा खडसे ने सीएफआई के साथ ग्रासरूट से ओलंपिक तक का रोडमैप तैयार किया
सारांश
मुख्य बातें
युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 3 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) के महासचिव मनिंदर पाल सिंह और फेडरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने, एथलीट विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को धार देने के लिए भारत के साइकिलिंग इकोसिस्टम का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारतीय साइकिलिंग को वैश्विक मंच पर बढ़ती पहचान मिल रही है।
बैठक के मुख्य एजेंडा बिंदु
चर्चा का केंद्र एक व्यवस्थित साइकिलिंग रोडमैप तैयार करना रहा, जिसमें जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान और सामुदायिक भागीदारी से शुरू होकर हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, उन्नत कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव तक की पूरी श्रृंखला शामिल है। घरेलू प्रतिस्पर्धा ढाँचे को मजबूत करने, कोचिंग और तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा जिला-राज्य स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक प्रतिभाशाली साइक्लिस्टों के लिए स्पष्ट मार्ग बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनेल (यूसीआई) के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव और प्रतिस्पर्धी साइकिलिंग के लिए भारत को एक उभरते वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की गई।
यूसीआई की वैश्विक मान्यता और पुणे ग्रैंड टूर
बैठक में मनिंदर पाल सिंह ने जानकारी दी कि यूसीआई की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में वैश्विक साइकिलिंग में भारत के बढ़ते योगदान को विशेष मान्यता दी गई है। यूसीआई की महानिदेशक अमीना लनाया ने अपने संदेश में पुणे ग्रैंड टूर 2025 की सफलता का उल्लेख करते हुए सीएफआई के प्रयासों की सराहना की।
मंत्री खडसे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताएँ न केवल भारतीय साइक्लिस्टों को विश्व-स्तरीय एथलीटों के विरुद्ध अनुभव देती हैं, बल्कि वैश्विक खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की भारत की बढ़ती क्षमता को भी प्रदर्शित करती हैं।
यूसीआई वर्ल्ड साइकिलिंग सेंटर में भारतीय साइक्लिस्टों की बड़ी उपस्थिति
फेडरेशन ने मंत्री को एक उल्लेखनीय उपलब्धि से अवगत कराया। प्रतिष्ठित यूसीआई वर्ल्ड साइकिलिंग सेंटर (डब्ल्यूसीसी) एलीट ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने वाली पहली भारतीय साइक्लिस्ट हर्षिता जाखड़ के चुने जाने के बाद, अब भारत के 5 शीर्ष स्प्रिंटर्स — रोनाल्डो सिंह, एसो एल्बन, रोजित सिंह, डेविड बेकहम एल्काटोहचूंगो और जेम्स सिंह — को सपोर्ट स्टाफ के 4 सदस्यों के साथ स्विट्जरलैंड के एगले स्थित यूसीआई वर्ल्ड साइकिलिंग सेंटर प्रोग्राम में शामिल किया गया है।
मंत्री ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे अवसरों से भारतीय साइक्लिस्ट और कोच को विश्व-स्तरीय प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस सहायता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा, जिससे दीर्घकालिक हाई-परफॉर्मेंस इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
खेलो इंडिया अस्मिता: महिला साइकिलिंग को नई उड़ान
बैठक में खेलो इंडिया अस्मिता साइकिलिंग सिटी लीग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह पहल भारत के सबसे बड़े महिला-केंद्रित ग्रासरूट साइकिलिंग कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरी है, जो विभिन्न शहरों और जिलों में महिला साइक्लिस्टों के लिए व्यवस्थित प्रतिस्पर्धी अवसर तैयार कर रही है।
खडसे ने कहा कि अस्मिता के तहत देखी गई उत्साहपूर्ण भागीदारी खेलों में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता और भविष्य के चैंपियनों की पहचान के लिए एक समावेशी एवं टिकाऊ मार्ग बनाने की सफलता को दर्शाती है।
ओलंपिक लक्ष्य और 'विकसित भारत 2047' का विजन
मंत्री खडसे ने रेखांकित किया कि जमीनी स्तर पर मजबूत इकोसिस्टम, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियाँ और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के जरिए निरंतर अनुभव, भारतीय साइक्लिस्टों को एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में सफलता के लिए तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत अपने खेल इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव देख रहा है। 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसी पहलों के जरिए, हम भागीदारी के अधिक अवसर बना रहे हैं, जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान कर रहे हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक सुदृढ़ मार्ग तैयार कर रहे हैं।'
बैठक में भारत सरकार ने खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, शीर्ष एथलीटों को समर्थन देने और 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप विश्व-स्तरीय खेल इकोसिस्टम बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। गौरतलब है कि यह बैठक भारत में साइकिलिंग के व्यवस्थित विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।