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क्या बेंगलुरु में 75 करोड़ की लागत से हाई परफॉर्मेंस सेंटर का निर्माण हो रहा है?

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क्या बेंगलुरु में 75 करोड़ की लागत से हाई परफॉर्मेंस सेंटर का निर्माण हो रहा है?

सारांश

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बेंगलुरु में 75 करोड़ रुपये की लागत से हाई परफॉर्मेंस सेंटर का शिलान्यास किया। यह सेंटर एलीट एथलीटों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा। जानिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में और क्या है इसका महत्व।

मुख्य बातें

75 करोड़ रुपये की लागत से हाई परफॉर्मेंस सेंटर का निर्माण।
उच्चतम स्तर की खेल सुविधाएं प्रदान करेगा।
भारत के एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाएगा।
एचएएल का सीएसआर योगदान।
2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी में सहायक।

नई दिल्ली, 31 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेताजी सुभाष सदर्न सेंटर (एनएस), बेंगलुरु में एक हाई परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) के शिलान्यास समारोह का वर्चुअली उद्घाटन किया।

प्रस्तावित हाई परफॉर्मेंस सेंटर प्रोजेक्ट की कुल लागत 75 करोड़ रुपये है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 60 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) समर्थन से विकसित किया जाएगा। यह सेंटर विश्व स्तरीय खेल विज्ञान और सहायता सुविधाएं प्रदान करके भारत के एलीट एथलीट को तैयार करने के इकोसिस्टम को काफी मजबूत करेगा।

एचपीसी में खेल चिकित्सा, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग, रिहैब और रिकवरी, बायोमैकेनिक्स, फिजियोलॉजी, मनोविज्ञान, पोषण, परफॉर्मेंस एनालिसिस और हाइड्रोथेरेपी के लिए उन्नत सुविधाएं होंगी।

उद्घाटन समारोह में मनसुख मांडविया ने कहा है कि यह केंद्र भारत के भागीदारी-उन्मुख दृष्टिकोण से पोडियम-केंद्रित, उच्च-प्रदर्शन वाले खेल राष्ट्र बनने की ओर बदलाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन का मंत्र भारत के खेल इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। यह हाई परफॉर्मेंस सेंटर यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशिक्षण और रिकवरी विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा निर्देशित हो, जिससे हमारे एथलीट उच्चतम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।"

खेल मंत्री ने एचएएल के योगदान के लिए उसकी सराहना करते हुए इस साझेदारी को सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान का एक मजबूत उदाहरण बताया है।

साई एनएसएससी देश के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक है, जो अलग-अलग खेलों में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई), नेशनल कोचिंग कैंप और एलीट एथलीट ट्रेनिंग प्रोग्राम की मेजबानी करता है।

प्रस्तावित एचपीसी से भारत की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की तैयारियों में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है और यह देश के वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभरने के लॉन्ग-टर्म विजन के साथ मेल खाता है, जिसमें 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की आकांक्षाएं भी शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एथलीटों के लिए उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। यह न केवल खेलों में सुधार लाएगी, बल्कि देश को वैश्विक खेल मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाई परफॉर्मेंस सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य एलीट एथलीटों को उच्चतम स्तर की प्रशिक्षण और रिकवरी सुविधाएं प्रदान करना है।
इस प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 75 करोड़ रुपये है।
कौन सा संगठन इस प्रोजेक्ट को विकसित कर रहा है?
यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया जा रहा है।
यह सेंटर किन सुविधाओं से लैस होगा?
इस सेंटर में खेल चिकित्सा, कंडीशनिंग, बायोमैकेनिक्स और अन्य कई उन्नत सुविधाएं होंगी।
इस सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
इस सेंटर का उद्घाटन 31 दिसंबर को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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