मसूरी में मनसुख मांडविया ने IAS प्रशिक्षुओं संग साइकिल रैली में लिया हिस्सा, बोले — 'फिटनेस नेतृत्व को बढ़ावा देता है'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 7 जुलाई 2025 को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के साथ एक विशेष साइकिल रैली में भाग लिया। इस आयोजन के ज़रिए उन्होंने फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देश के भावी नौकरशाहों तक पहुँचाया।
रैली का मार्ग और आयोजन
साइकिल रैली की शुरुआत अकादमी परिसर से हुई और यह अकादमी रोड, हालोक मार्ग तथा कंपनी गार्डन होते हुए वापस अकादमी रोड पर आकर संपन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंत्री का संदेश
रैली के बाद डॉ. मांडविया ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, 'फिटनेस नेतृत्व को बढ़ावा देता है। नेतृत्व से देश बनता है। हमारे ऊर्जावान आईएएस अफसरों के साथ प्रेरणादायक साइकिल रैली।' उनका यह संदेश इस विचार को रेखांकित करता है कि एक स्वस्थ प्रशासक ही बेहतर नीति-निर्माण कर सकता है।
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ाव
गौरतलब है कि डॉ. मांडविया फिटनेस जागरूकता के लिए नियमित रूप से ऐसे आयोजनों में सक्रिय रहते हैं। इससे ठीक पहले रविवार को वे भारत सरकार के 'फिट इंडिया मूवमेंट' के अंतर्गत चलाए जा रहे 'संडे ऑन साइकिल' के 80वें संस्करण में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम नागरिकों को नियमित साइकिलिंग के ज़रिए सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
साइकिलिंग के फायदे पर जोर
डॉ. मांडविया ने 80वें संस्करण में साइकिलिंग के बहुआयामी लाभ गिनाए थे। उनके अनुसार, 'साइकिल पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का एक प्रभावी साधन है। इसके नियमित उपयोग से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है तथा सड़कों पर वाहनों की भीड़ भी कम होती है। जो व्यक्ति रोज़ाना साइकिल चलाता है, वह ईंधन की खपत घटाने के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत अपनी तेल आवश्यकता का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है — ऐसे में अधिक लोगों द्वारा साइकिल अपनाने से पेट्रोलियम पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। देश में तेज़ी से बढ़ती मोटापे की समस्या के समाधान के लिए भी उन्होंने साइकिलिंग को एक कारगर उपाय बताया।
आगे की राह
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार फिट इंडिया मूवमेंट को ज़मीनी स्तर तक ले जाने पर ज़ोर दे रही है। IAS प्रशिक्षुओं के साथ इस तरह की पहल यह संकेत देती है कि सरकार चाहती है कि भविष्य के प्रशासक न केवल नीतिगत रूप से, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी फिटनेस को प्राथमिकता दें।