मसूरी में मनसुख मांडविया की आईएएस अफसरों संग साइकिल रैली, बोले — 'फिटनेस से बनता है नेतृत्व'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षु आईएएस अफसरों के साथ एक साइकिल रैली में हिस्सा लिया। इस रैली के माध्यम से मांडविया ने भावी प्रशासनिक अधिकारियों को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
रैली का मार्ग और स्वरूप
साइकिल रैली की शुरुआत अकादमी परिसर से हुई। यह रैली अकादमी रोड, हालोक मार्ग और कंपनी गार्डन से होते हुए पुनः अकादमी रोड पर समाप्त हुई। रैली में प्रशिक्षु आईएएस अफसरों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
मांडविया का संदेश
मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'फिटनेस नेतृत्व को बढ़ावा देता है। नेतृत्व से देश बनता है। हमारे ऊर्जावान आईएएस अफसरों के साथ प्रेरणादायक साइकिल रैली।' यह संदेश उनके उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है जिसमें वे शारीरिक फिटनेस को प्रभावी नेतृत्व का आधार मानते हैं।
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ाव
गौरतलब है कि मांडविया फिटनेस जागरूकता के लिए नियमित रूप से सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। हाल ही में वे भारत सरकार के 'फिट इंडिया मूवमेंट' के अंतर्गत चलाए जा रहे 'संडे ऑन साइकिल' के 80वें संस्करण में भी शामिल हुए थे, जहाँ उन्होंने आम नागरिकों के साथ साइकिल चलाई। यह कार्यक्रम लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
साइकिलिंग के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य लाभ
मांडविया ने इससे पहले साइकिलिंग के बहुआयामी फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा था, 'साइकिल पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का एक प्रभावी साधन है। इसके नियमित उपयोग से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है तथा सड़कों पर वाहनों की भीड़ भी कम होती है। जो व्यक्ति रोजाना साइकिल चलाता है, वह ईंधन की खपत घटाने के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।'
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत अपनी तेल की आवश्यकता का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है और यदि अधिक नागरिक साइकिल का उपयोग करें तो पेट्रोलियम पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। देश में बढ़ती मोटापे की समस्या से निपटने में भी साइकिलिंग को एक कारगर उपाय बताया गया।
आगे की दिशा
मांडविया की यह पहल फिट इंडिया मूवमेंट को प्रशासनिक प्रशिक्षण के दायरे तक ले जाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। भविष्य के नीति-निर्माताओं को फिटनेस के प्रति संवेदनशील बनाना इस अभियान को दीर्घकालिक प्रभाव दे सकता है।