6 जुलाई 2026
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दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती: चित्र अनावरण व स्मृति व्याख्यान

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दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती: चित्र अनावरण व स्मृति व्याख्यान

सारांश

संस्कृति मंत्रालय के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भव्य स्मृति व्याख्यान आयोजित किया। विजेंद्र गुप्ता, विनोद तावड़े और बांसुरी स्वराज ने उनकी राष्ट्रवादी विरासत और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद किया।

मुख्य बातें

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने 6 जुलाई 2026 को डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर चित्र अनावरण व स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता , BJP राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता रहे।
कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन आयोजित हुआ।
मुखर्जी को राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और संसदीय परंपराओं का प्रणेता बताया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

नई दिल्ली में 6 जुलाई 2026 को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं जननेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनके चित्र का अनावरण और भव्य स्मृति व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि एवं वक्तागण

कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, तथा नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. सुमित भसीन और महानिदेशक प्रियंका चंद्रा ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ

आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के अनावरण और पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई। इस अवसर पर शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, पुस्तकालय अधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

वक्ताओं के प्रमुख विचार

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार' विषय पर बोलते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की अखंडता, एकता एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके अनुसार, डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के पथ पर प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

'शिक्षाविद् से राष्ट्र निर्माता तक: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बहुआयामी विरासत' विषय पर विनोद तावड़े ने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा, संसदीय परंपराओं और संस्थागत विकास में अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। तावड़े ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का व्यक्तित्व शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय संगम था।

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व' विषय पर बांसुरी स्वराज ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने साहस, स्पष्ट दृष्टिकोण और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है।

आम सहमति और समापन

सभी वक्ताओं ने एकमत होकर डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

यह आयोजन ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी जैसे सार्वजनिक संस्थान राष्ट्रीय विभूतियों की स्मृति को संजोने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी वास्तविक उपयोगिता तब सिद्ध होती है जब ये केवल औपचारिकता न बनकर नई पीढ़ी में वैचारिक संवाद को प्रेरित करें। डॉ. मुखर्जी की विरासत पर BJP नेताओं की उपस्थिति इस आयोजन को एक राजनीतिक आयाम भी देती है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर अनदेखा करती है। यह विचारणीय है कि क्या इस तरह के व्याख्यान केवल स्मरण तक सीमित रहते हैं, या इनसे नीतिगत प्रेरणा भी ली जाती है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में क्या आयोजन हुआ?
6 जुलाई 2026 को दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनके चित्र का अनावरण और स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख नेता उपस्थित रहे?
कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, BJP के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े और नई दिल्ली लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. सुमित भसीन और महानिदेशक प्रियंका चंद्रा भी मौजूद रहे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
डॉ. मुखर्जी को भारत की राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और संसदीय परंपराओं में उनके अमूल्य योगदान के लिए याद किया जाता है। वक्ताओं ने उन्हें शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय संगम बताया।
इस आयोजन का उद्देश्य क्या था?
आयोजन का उद्देश्य डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना था। सभी वक्ताओं ने उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी किस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है?
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करती है। यह संस्था सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाती है।
राष्ट्र प्रेस
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