श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और CM रेखा गुप्ता ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 23 जून 2026 को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। नई दिल्ली के करोल बाग में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन और संगोष्ठी में उन्होंने मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और बलिदान को रेखांकित किया।
संगोष्ठी में मुखर्जी के योगदान पर चर्चा
करोल बाग जिला भाजपा द्वारा आयोजित इस कार्यकर्ता सम्मेलन में डॉ. मुखर्जी के जीवन और राष्ट्र को उनकी देन पर विशेष संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी की अध्यक्षता जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर ने की।
नितिन नवीन ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और तत्पश्चात भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने यह भी कहा कि मुखर्जी ने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए आंदोलन चलाया और राष्ट्रहित में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी अपने विचार साझा किए। प्रदेश भाजपा महासचिव विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष विनय रावत, विधायक हरीश खुराना, उमंग बजाज और पूर्व विधायक अनिल बाजपेयी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
दिल्ली गेट स्मारक पर मुख्यमंत्री का संबोधन
इसी दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली गेट स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने 'एक देश, एक संविधान' का नारा दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज उस महान व्यक्तित्व को याद करने का दिन है, जिन्होंने जनसंघ के रूप में एक बीज बोया था और आज वही बीज भाजपा के रूप में पूरे देश को छाया प्रदान कर रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना की प्रेरणा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव का संदर्भ
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत भी मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने के प्रयास में है — एक ऐसा राज्य जो डॉ. मुखर्जी की जन्मभूमि भी है।
डॉ. मुखर्जी: राष्ट्रवादी विरासत
गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी का आधार बनी। उन्होंने कश्मीर में परमिट प्रणाली के विरोध में आंदोलन किया और 1953 में हिरासत में उनका निधन हो गया। भाजपा प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करती है।
इस वर्ष देशभर में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रमों में नई दिल्ली के ये आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे, जिनमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी ने मुखर्जी की विचारधारा को समसामयिक राजनीतिक संदर्भ में प्रासंगिक बताने का प्रयास किया।