8 अगस्त 2026
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 73वें बलिदान दिवस पर BJP मुख्यालय में श्रद्धांजलि, नितिन नवीन बोले — मोदी पूरा कर रहे उनका सपना

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 73वें बलिदान दिवस पर BJP मुख्यालय में श्रद्धांजलि, नितिन नवीन बोले — मोदी पूरा कर रहे उनका सपना

सारांश

BJP मुख्यालय में 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना मुखर्जी के सपने की सच्ची परिणति है और PM मोदी उनकी विरासत को साकार कर रहे हैं।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 23 जून 2026 को BJP मुख्यालय में डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
समारोह में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल.
संतोष और वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे भी उपस्थित रहीं।
नवीन ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना PM मोदी की ओर से डॉ.
मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
BJP के 14 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता 1951 में जनसंघ की स्थापना के समय की राष्ट्रवादी सोच पर काम कर रहे हैं।
नवीन ने एक्स पर पोस्ट कर डॉ.
मुखर्जी के 'एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे' संकल्प को याद किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 23 जून 2026 को BJP मुख्यालय, नई दिल्ली में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे भी उपस्थित रहीं।

श्रद्धांजलि समारोह और नेताओं की उपस्थिति

BJP मुख्यालय में आयोजित इस स्मरण कार्यक्रम में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। नितिन नवीन ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके 73वें बलिदान दिवस पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। वे एक प्रखर राष्ट्रवादी, महान विचारक और देश के पहले उद्योग मंत्री थे।'

नवीन ने आगे कहा, 'उन्होंने जो सपना देखा था और जो बलिदान दिया था, वह बलिदान अब हमारे सामने साकार हो रहा है।'

अनुच्छेद 370 और कश्मीर एकीकरण का संदर्भ

नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल, असम और पंजाब की सीमाओं की रक्षा के लिए श्यामा प्रसाद ने संघर्ष किया और बलिदान दिया था।'

गौरतलब है कि डॉ. मुखर्जी का निधन 1953 में जम्मू-कश्मीर में हिरासत के दौरान हुआ था, जब वे 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' के अपने संकल्प को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

BJP और जनसंघ की वैचारिक विरासत

नवीन ने कहा, 'डॉ. मुखर्जी ने 1951 में जिस सोच और भावना से जनसंघ की स्थापना की थी — कि एक राष्ट्रवादी सोच का नेतृत्व बने — आज कह सकते हैं कि BJP के 14 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता उस सोच पर खरा उतरते हुए भारत को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी के जन्मस्थान पश्चिम बंगाल में आज BJP की सरकार है, जो उनके दिखाए मार्ग पर चल रही है।

एक्स पर राष्ट्रीय अध्यक्ष की पोस्ट

नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और माँ भारती की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे', का उनका संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का अटल संकल्प था।'

डॉ. मुखर्जी की विरासत और प्रेरणा

नवीन ने कहा, 'डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को एक सशक्त दिशा दी और अपने विचारों, साहस एवं त्याग से राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाया।' उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन और बलिदान यह प्रेरणा देता रहेगा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है।

यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब BJP अपनी वैचारिक जड़ों को पुनः रेखांकित करने और संगठनात्मक विस्तार को गति देने में जुटी है। आने वाले समय में पार्टी इस विरासत को अपने राजनीतिक अभियानों का आधार बनाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या पश्चिम बंगाल में BJP शासन वास्तव में मुखर्जी की उस सामाजिक-न्याय और औद्योगिक विकास की सोच को प्रतिबिंबित करता है जो उनके उद्योग मंत्री के कार्यकाल में दिखी थी। 14 करोड़ कार्यकर्ताओं का आँकड़ा संगठनात्मक ताकत का दावा करता है, लेकिन विचारधारा की निरंतरता और जमीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई पर चर्चा अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौन थे और उनका बलिदान दिवस क्यों मनाया जाता है?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक, देश के पहले उद्योग मंत्री और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे। उनका निधन 1953 में जम्मू-कश्मीर में हिरासत के दौरान हुआ था, जब वे अनुच्छेद 370 के विरोध में आंदोलन कर रहे थे। BJP हर वर्ष 23 जून को उनकी पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है।
नितिन नवीन ने अनुच्छेद 370 को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की श्रद्धांजलि क्यों बताया?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के अनुसार, डॉ. मुखर्जी ने 'एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे' का नारा देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। PM मोदी के नेतृत्व में 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने को वे उसी संकल्प की परिणति मानते हैं।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 23 जून 2026 को क्या कहा?
नितिन नवीन ने BJP मुख्यालय में पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि डॉ. मुखर्जी का सपना PM मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के 14 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता 1951 में जनसंघ की स्थापना के समय की राष्ट्रवादी विचारधारा पर चलते हुए भारत को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारतीय जनसंघ की स्थापना कब और क्यों हुई थी?
भारतीय जनसंघ की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी, ताकि एक सशक्त राष्ट्रवादी विचारधारा का राजनीतिक नेतृत्व तैयार हो सके। यह पार्टी आगे चलकर 1980 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रूप में पुनर्गठित हुई।
23 जून के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में BJP के कौन-से नेता शामिल हुए?
23 जून 2026 को BJP मुख्यालय में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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