श्यामा प्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि: दिल्ली CM रेखा गुप्ता व BJP नेताओं ने दिल्ली गेट पर अर्पित की पुष्पांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा तथा अन्य वरिष्ठ BJP नेताओं ने 23 जून 2025 को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दिल्ली गेट स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नेताओं ने पार्क में पौधारोपण भी किया और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि भारत की अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का अमर प्रतीक है। गुप्ता ने हर्ष मल्होत्रा के साथ पार्क में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का संबोधन
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे। उन्होंने भारत को एकजुट रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया, तो उस बलिदान का सही अर्थ सार्थक हुआ।' उन्होंने आगे कहा कि इसके परिणामस्वरूप जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया और अब भारत का संविधान सीधे वहाँ लागू होता है। मल्होत्रा ने यह भी रेखांकित किया कि BJP के सभी कार्यकर्ता और नेता आज जिस विचारधारा और विजन के साथ काम करते हैं, उसकी नींव डॉ. मुखर्जी ने ही रखी थी।
सांसदों और विधायकों की प्रतिक्रियाएँ
BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आज का दिन डॉ. मुखर्जी का बलिदान दिवस है — इसी दिन बिना परमिट के कश्मीर में प्रवेश करते समय वे घायल हुए थे, जिसके कारण उनका निधन हुआ था। उन्होंने कहा कि पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, 'मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ, जो एकता, भारतीय पहचान और राष्ट्रवाद के प्रबल प्रहरी थे। उनका जीवन यह दिखाता है कि 'राष्ट्र प्रथम' केवल एक नारा नहीं बल्कि एक जीवन दर्शन है।'
BJP विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता डॉ. मुखर्जी से ही प्रेरित है। दिल्ली सरकार के मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश सेवा के लिए अपना मंत्री पद तक छोड़ दिया था और देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया।
डॉ. मुखर्जी का ऐतिहासिक योगदान
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो आगे चलकर BJP का आधार बनी। वे स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री भी रहे, किंतु कश्मीर नीति पर असहमति के चलते उन्होंने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था। 1953 में बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया और हिरासत के दौरान ही उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु की परिस्थितियाँ आज भी राजनीतिक बहस का विषय हैं।
आगे का संदर्भ
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब BJP देशभर में डॉ. मुखर्जी की विरासत को अपनी वैचारिक पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पार्टी इस पुण्यतिथि को और अधिक प्रमुखता से मनाती आई है। दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।