प्रणय हत्याकांड के दोषी अब्दुल बारी की चेर्लापल्ली जेल में कार्डियक अरेस्ट से मौत
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के चर्चित प्रणय 'हॉरर किलिंग' मामले के दोषी अब्दुल बारी (50) की गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल में मौत हो गई। उम्रकैद की सजा काट रहे बारी को दोपहर करीब 3 बजे कार्डियक अरेस्ट पड़ा, जिसके बाद जेल कर्मचारी उन्हें सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
कौन था अब्दुल बारी
नलगोंडा जिले के निवासी अब्दुल बारी इस हत्याकांड में चौथे नंबर के आरोपी थे। वे गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में भी नामजद किए गए थे, हालाँकि बाद में उस मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था। नलगोंडा की एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने छह साल के लंबे ट्रायल के बाद बारी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
प्रणय हत्याकांड: मुख्य घटनाक्रम
दलित युवक पेरुमुल्ला प्रणय कुमार (24) की हत्या 14 सितंबर 2018 को नलगोंडा जिले के मिरियालगुडा कस्बे में सबके सामने की गई थी। एक कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कुल्हाड़ी से यह वारदात तब की जब प्रणय अपनी गर्भवती पत्नी अमृता और माँ प्रेमलता के साथ एक निजी अस्पताल से निकल रहे थे। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसने देशभर में हलचल मचा दी थी।
प्रणय ने उच्च जाति की अमृता से 30 जनवरी 2018 को हैदराबाद के एक आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था। यह विवाह अमृता के पिता और व्यवसायी मारुति राव की इच्छा के विरुद्ध था। जाँच से पता चला कि मारुति राव ने जून 2018 में हत्या की साजिश रची और ट्रांसपोर्टर अब्दुल करीम के माध्यम से असगर अली और अब्दुल बारी से संपर्क किया था।
साजिश और अदालती फैसला
10 जुलाई 2018 को अली, बारी और करीम के बीच ₹15 लाख की अग्रिम राशि बाँटी गई। मुख्य आरोपी मारुति राव ने कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर सुभाष कुमार शर्मा को एक अन्य आरोपी के ज़रिए ₹1 करोड़ देकर हत्या करवाई। अगस्त 2018 में शर्मा, अली और बारी मिरियालगुडा पहुँचे और कई नाकाम कोशिशों के बाद 14 सितंबर 2018 को वारदात को अंजाम दिया।
अदालत ने बिहार के रहने वाले शर्मा को मृत्युदंड सुनाया। अन्य दोषियों — असगर अली, अब्दुल बारी, अब्दुल करीम, मारुति राव के भाई श्रवण कुमार, ऑटो चालक निजाम और कार चालक शिवा — को उम्रकैद की सजा मिली। मुख्य आरोपी मारुति राव ने जमानत पर रिहा रहते हुए 7 मार्च 2020 को आत्महत्या कर ली थी।
पीड़िता अमृता का संघर्ष
प्रणय की पत्नी अमृता ने न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखी और 2019 में एक बेटे को जन्म दिया। गौरतलब है कि अमृता ने कभी अपने माता-पिता के घर न लौटने की कसम खाई थी। यह मामला अंतर-जातीय विवाह और ऑनर किलिंग की त्रासदी का प्रतीक बनकर देशभर में न्याय की बहस का केंद्र रहा।
आगे की स्थिति
अब्दुल बारी की मृत्यु के साथ इस मामले के एक प्रमुख दोषी का अध्याय समाप्त हो गया है। मामले के शेष दोषी अभी भी जेल में सज़ा काट रहे हैं, जबकि मृत्युदंड प्राप्त शर्मा की अपील उच्चतर न्यायालय में विचाराधीन हो सकती है।