24 सितंबर 2026
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प्रणय हत्याकांड के दोषी अब्दुल बारी की चेर्लापल्ली जेल में कार्डियक अरेस्ट से मौत

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प्रणय हत्याकांड के दोषी अब्दुल बारी की चेर्लापल्ली जेल में कार्डियक अरेस्ट से मौत

सारांश

प्रणय हत्याकांड के दोषी अब्दुल बारी की 24 सितंबर को हैदराबाद की चेर्लापल्ली जेल में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। उम्रकैद काट रहे बारी 2018 के उस बहुचर्चित मामले के चौथे आरोपी थे, जिसमें दलित युवक प्रणय की उसकी गर्भवती पत्नी के सामने कुल्हाड़ी से हत्या की गई थी।

मुख्य बातें

अब्दुल बारी (50) , प्रणय हत्याकांड के चौथे दोषी, की 24 सितंबर 2026 को चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई।
बारी को नलगोंडा एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दलित युवक पेरुमुल्ला प्रणय कुमार की हत्या 14 सितंबर 2018 को मिरियालगुडा में कुल्हाड़ी से की गई थी — पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी।
मुख्य आरोपी मारुति राव ने 7 मार्च 2020 को जमानत पर बाहर रहते हुए आत्महत्या कर ली थी।
कॉन्ट्रैक्ट किलर सुभाष कुमार शर्मा को मृत्युदंड और अन्य पाँच दोषियों को उम्रकैद मिली थी।
पीड़िता अमृता ने न्याय की लड़ाई जारी रखते हुए 2019 में बेटे को जन्म दिया।

हैदराबाद के चर्चित प्रणय 'हॉरर किलिंग' मामले के दोषी अब्दुल बारी (50) की गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल में मौत हो गई। उम्रकैद की सजा काट रहे बारी को दोपहर करीब 3 बजे कार्डियक अरेस्ट पड़ा, जिसके बाद जेल कर्मचारी उन्हें सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

कौन था अब्दुल बारी

नलगोंडा जिले के निवासी अब्दुल बारी इस हत्याकांड में चौथे नंबर के आरोपी थे। वे गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में भी नामजद किए गए थे, हालाँकि बाद में उस मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था। नलगोंडा की एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने छह साल के लंबे ट्रायल के बाद बारी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

प्रणय हत्याकांड: मुख्य घटनाक्रम

दलित युवक पेरुमुल्ला प्रणय कुमार (24) की हत्या 14 सितंबर 2018 को नलगोंडा जिले के मिरियालगुडा कस्बे में सबके सामने की गई थी। एक कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कुल्हाड़ी से यह वारदात तब की जब प्रणय अपनी गर्भवती पत्नी अमृता और माँ प्रेमलता के साथ एक निजी अस्पताल से निकल रहे थे। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसने देशभर में हलचल मचा दी थी।

प्रणय ने उच्च जाति की अमृता से 30 जनवरी 2018 को हैदराबाद के एक आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था। यह विवाह अमृता के पिता और व्यवसायी मारुति राव की इच्छा के विरुद्ध था। जाँच से पता चला कि मारुति राव ने जून 2018 में हत्या की साजिश रची और ट्रांसपोर्टर अब्दुल करीम के माध्यम से असगर अली और अब्दुल बारी से संपर्क किया था।

साजिश और अदालती फैसला

10 जुलाई 2018 को अली, बारी और करीम के बीच ₹15 लाख की अग्रिम राशि बाँटी गई। मुख्य आरोपी मारुति राव ने कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर सुभाष कुमार शर्मा को एक अन्य आरोपी के ज़रिए ₹1 करोड़ देकर हत्या करवाई। अगस्त 2018 में शर्मा, अली और बारी मिरियालगुडा पहुँचे और कई नाकाम कोशिशों के बाद 14 सितंबर 2018 को वारदात को अंजाम दिया।

अदालत ने बिहार के रहने वाले शर्मा को मृत्युदंड सुनाया। अन्य दोषियों — असगर अली, अब्दुल बारी, अब्दुल करीम, मारुति राव के भाई श्रवण कुमार, ऑटो चालक निजाम और कार चालक शिवा — को उम्रकैद की सजा मिली। मुख्य आरोपी मारुति राव ने जमानत पर रिहा रहते हुए 7 मार्च 2020 को आत्महत्या कर ली थी।

पीड़िता अमृता का संघर्ष

प्रणय की पत्नी अमृता ने न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखी और 2019 में एक बेटे को जन्म दिया। गौरतलब है कि अमृता ने कभी अपने माता-पिता के घर न लौटने की कसम खाई थी। यह मामला अंतर-जातीय विवाह और ऑनर किलिंग की त्रासदी का प्रतीक बनकर देशभर में न्याय की बहस का केंद्र रहा।

आगे की स्थिति

अब्दुल बारी की मृत्यु के साथ इस मामले के एक प्रमुख दोषी का अध्याय समाप्त हो गया है। मामले के शेष दोषी अभी भी जेल में सज़ा काट रहे हैं, जबकि मृत्युदंड प्राप्त शर्मा की अपील उच्चतर न्यायालय में विचाराधीन हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें मुख्य आरोपी पहले ही मृत हो चुका है और मृत्युदंड प्राप्त दोषी अभी भी अदालती प्रक्रिया के बीच है। यह मामला बताता है कि ऑनर किलिंग में न्याय की यात्रा कितनी लंबी और अधूरी रह जाती है — जहाँ पीड़िता दशकों तक इंतजार करती है और अपराधी विभिन्न कारणों से सजा पूरी करने से पहले ही चले जाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस सवाल को नजरअंदाज करती है कि क्या ऑनर किलिंग के मामलों में मौजूदा कानूनी ढाँचा वाकई पर्याप्त निवारण प्रदान करता है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब्दुल बारी कौन था और उसे किस मामले में सज़ा मिली थी?
अब्दुल बारी नलगोंडा जिले का निवासी था और 2018 के प्रणय हॉरर किलिंग मामले में चौथा आरोपी था। नलगोंडा की एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। वह गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या हत्याकांड में भी नामजद था, लेकिन उस मामले में बरी हो गया था।
प्रणय हॉरर किलिंग मामला क्या था?
दलित युवक पेरुमुल्ला प्रणय कुमार की 14 सितंबर 2018 को नलगोंडा जिले के मिरियालगुडा में एक कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कुल्हाड़ी से हत्या की थी। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। प्रणय ने उच्च जाति की अमृता से शादी की थी, जो उसके पिता मारुति राव को मंजूर नहीं थी और माना जाता है कि मारुति राव ने ₹1 करोड़ में यह हत्या करवाई।
इस मामले में अदालत ने क्या फैसला सुनाया था?
छह साल के ट्रायल के बाद नलगोंडा की एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने कॉन्ट्रैक्ट किलर सुभाष कुमार शर्मा को मृत्युदंड सुनाया। अब्दुल बारी, असगर अली, अब्दुल करीम, श्रवण कुमार, ऑटो चालक निजाम और कार चालक शिवा को उम्रकैद की सज़ा मिली। मुख्य आरोपी मारुति राव ने 7 मार्च 2020 को आत्महत्या कर ली थी।
अब्दुल बारी की मौत कैसे हुई?
24 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हैदराबाद की चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल में अब्दुल बारी को कार्डियक अरेस्ट पड़ा। जेल कर्मचारी उसे सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल ले गए, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पीड़िता अमृता की अब क्या स्थिति है?
अमृता ने अपने पति की हत्या के बाद न्याय की लड़ाई जारी रखी और 2019 में एक बेटे को जन्म दिया। उन्होंने अपने माता-पिता के घर न लौटने की कसम खाई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी की मौत के बावजूद अमृता के न्याय का संघर्ष देश में ऑनर किलिंग विरोधी चेतना का प्रतीक बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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