20 अक्टूबर 2026
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पालघर हत्याकांड: कार और अय्याशी के लिए पैसे न मिलने पर बेटे ने ग्राइंडर से पिता का गला काटा, 4 घंटे में गिरफ्तार

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पालघर हत्याकांड: कार और अय्याशी के लिए पैसे न मिलने पर बेटे ने ग्राइंडर से पिता का गला काटा, 4 घंटे में गिरफ्तार

सारांश

पालघर में 18 अक्टूबर को 24 वर्षीय मुकेश परमार ने पैसे न देने पर सोते पिता मोहनलाल (59) की ग्राइंडर से हत्या कर दी और राजस्थान भागने लगा। पालघर पुलिस ने तकनीकी ट्रैकिंग से महज 4 घंटे में ट्रेन के भीतर से आरोपी को दबोच लिया।

मुख्य बातें

18 अक्टूबर 2026 को पालघर के प्रिया ओरियन ग्रैंड बिल्डिंग में बेटे ने पिता की हत्या की।
आरोपी मुकेश मोहनलाल परमार (24) ने कथित तौर पर कार खरीदने और अय्याशी के लिए पैसे माँगे थे, जो पिता ने देने से मना किया था।
मृतक मोहनलाल परमार की आयु 59 वर्ष थी; हत्या ग्राइंडर से गला काटकर की गई।
पालघर पुलिस ने महज 4 घंटे के अंदर आरोपी को राजस्थान जाती ट्रेन में लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तार किया।
जाँच पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव की अगुवाई में पालघर पुलिस थाने द्वारा जारी है।

महाराष्ट्र के पालघर में 18 अक्टूबर 2026 को एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई, जिसमें 24 वर्षीय मुकेश मोहनलाल परमार ने कथित तौर पर अपने सोते हुए पिता मोहनलाल परमार (59) की ग्राइंडर से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पैसे न मिलने पर उसने यह कदम उठाया और जेब में रखी नकदी लेकर राजस्थान भागने की कोशिश की, लेकिन पालघर पुलिस ने महज 4 घंटे के भीतर उसे ट्रेन में ही दबोच लिया।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस शाम

घटना 18 अक्टूबर की शाम की है। नवली राम नगर स्थित प्रिया ओरियन ग्रैंड बिल्डिंग के चौथे माले पर रहने वाले मोहनलाल परमार की हत्या की सूचना शाम करीब 5.30 बजे एक व्यक्ति ने फोन पर दी। सूचना मिलते ही मृतक के दूसरे बेटे भावेश मोहनलाल परमार की शिकायत पर उसी रात 11.01 बजे मामला दर्ज किया गया।

जाँच में सामने आया कि आरोपी मुकेश को कार खरीदने के लिए पैसों की ज़रूरत थी और उसे अय्याशी की भी लत थी। इससे तंग आकर पिता ने बेटे को पैसे देने बंद कर दिए थे। घटना के दिन भी मुकेश ने पैसे माँगे, पर पिता ने मना करके कमरे में जाकर सोने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, मुकेश ने उनके सो जाने का इंतज़ार किया और फिर ग्राइंडर से वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख के मार्गदर्शन में पालघर पुलिस थाने और स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा (एलसीबी) का संयुक्त जाँच दल बनाया गया। तांत्रिक विश्लेषण और गोपनीय सूत्रों के आधार पर पता चला कि आरोपी रेलवे के ज़रिए राजस्थान भाग रहा है।

इसके बाद रेलवे पुलिस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई और उसे ट्रेन के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह पूरी कार्रवाई घटना की सूचना मिलने के महज 4 घंटे के भीतर पूरी हुई।

अधिकारियों की भूमिका

इस सफल कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरले, उप विभागीय पुलिस अधिकारी उमेश गवली, पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव तथा पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील (एलसीबी) और उनकी टीम का अहम योगदान रहा। आगे की जाँच पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव और पालघर पुलिस थाना कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

आरोपी मुकेश परमार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और आरोपी ने हत्या के बाद कहाँ-कहाँ समय बिताया। यह मामला परिवार के भीतर बढ़ती आर्थिक कलह और नशे की लत से उपजी हिंसा की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नशे की लत, आर्थिक निर्भरता और पारिवारिक संवाद के टूटने की बड़ी सामाजिक चेतावनी है। महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में पारिवारिक हत्याओं के मामले बढ़े हैं, जिनमें पैसों के विवाद एक प्रमुख कारण के रूप में सामने आते रहे हैं। पालघर पुलिस की 4 घंटे में गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस स्तर की हिंसा तक पहुँचने से पहले कोई हस्तक्षेप क्यों संभव नहीं हो पाया।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर में पिता की हत्या का मामला क्या है?
18 अक्टूबर 2026 को पालघर के नवली राम नगर में 24 वर्षीय मुकेश मोहनलाल परमार ने कथित तौर पर अपने पिता मोहनलाल परमार (59) की ग्राइंडर से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पिता ने बेटे को पैसे देने से मना किया था, जिससे नाराज़ होकर उसने यह वारदात की।
आरोपी मुकेश परमार को कैसे और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
मुकेश परमार हत्या के बाद राजस्थान भागने की कोशिश में ट्रेन में सवार हो गया था। पालघर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और रेलवे पुलिस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैक की और घटना के महज 4 घंटे के भीतर ट्रेन के अंदर से ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
हत्या का कारण क्या बताया गया है?
जाँच में सामने आया कि आरोपी मुकेश को कार खरीदने के लिए पैसे चाहिए थे और उसे अय्याशी की भी लत थी। इससे परेशान पिता मोहनलाल परमार ने उसे पैसे देने बंद कर दिए थे। घटना के दिन भी पैसे न मिलने पर आरोपी ने पिता के सोने का इंतज़ार किया और फिर वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले की जाँच कौन कर रहा है?
पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख के मार्गदर्शन में पालघर पुलिस थाने और एलसीबी के संयुक्त दल ने गिरफ्तारी की। आगे की जाँच पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव और पालघर पुलिस थाना कर रहे हैं।
मामला कब दर्ज किया गया?
मृतक के बेटे भावेश मोहनलाल परमार की शिकायत पर 18 अक्टूबर 2026 को रात 11.01 बजे पालघर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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