पालघर हत्याकांड: कार और अय्याशी के लिए पैसे न मिलने पर बेटे ने ग्राइंडर से पिता का गला काटा, 4 घंटे में गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पालघर में 18 अक्टूबर 2026 को एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई, जिसमें 24 वर्षीय मुकेश मोहनलाल परमार ने कथित तौर पर अपने सोते हुए पिता मोहनलाल परमार (59) की ग्राइंडर से गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पैसे न मिलने पर उसने यह कदम उठाया और जेब में रखी नकदी लेकर राजस्थान भागने की कोशिश की, लेकिन पालघर पुलिस ने महज 4 घंटे के भीतर उसे ट्रेन में ही दबोच लिया।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस शाम
घटना 18 अक्टूबर की शाम की है। नवली राम नगर स्थित प्रिया ओरियन ग्रैंड बिल्डिंग के चौथे माले पर रहने वाले मोहनलाल परमार की हत्या की सूचना शाम करीब 5.30 बजे एक व्यक्ति ने फोन पर दी। सूचना मिलते ही मृतक के दूसरे बेटे भावेश मोहनलाल परमार की शिकायत पर उसी रात 11.01 बजे मामला दर्ज किया गया।
जाँच में सामने आया कि आरोपी मुकेश को कार खरीदने के लिए पैसों की ज़रूरत थी और उसे अय्याशी की भी लत थी। इससे तंग आकर पिता ने बेटे को पैसे देने बंद कर दिए थे। घटना के दिन भी मुकेश ने पैसे माँगे, पर पिता ने मना करके कमरे में जाकर सोने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, मुकेश ने उनके सो जाने का इंतज़ार किया और फिर ग्राइंडर से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख के मार्गदर्शन में पालघर पुलिस थाने और स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा (एलसीबी) का संयुक्त जाँच दल बनाया गया। तांत्रिक विश्लेषण और गोपनीय सूत्रों के आधार पर पता चला कि आरोपी रेलवे के ज़रिए राजस्थान भाग रहा है।
इसके बाद रेलवे पुलिस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई और उसे ट्रेन के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह पूरी कार्रवाई घटना की सूचना मिलने के महज 4 घंटे के भीतर पूरी हुई।
अधिकारियों की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरले, उप विभागीय पुलिस अधिकारी उमेश गवली, पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव तथा पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील (एलसीबी) और उनकी टीम का अहम योगदान रहा। आगे की जाँच पुलिस निरीक्षक किशोर मानभाव और पालघर पुलिस थाना कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
आरोपी मुकेश परमार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और आरोपी ने हत्या के बाद कहाँ-कहाँ समय बिताया। यह मामला परिवार के भीतर बढ़ती आर्थिक कलह और नशे की लत से उपजी हिंसा की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है।