गढ़वा में पिता ने 17 वर्षीय बेटी को रस्सी से गला घोंटकर मारा, शादी से इनकार था वजह; 10 दिन बाद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गढ़वा जिले में एक पिता ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी की सोई अवस्था में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी, क्योंकि वह राजस्थान जाकर उसकी तय की हुई शादी करने से इनकार कर रही थी। गढ़वा पुलिस ने शव बरामद होने के 10 दिन बाद, 27 मई 2026 को आरोपी पिता निर्मल सिंह को बजरमरवा के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य घटनाक्रम
19 मई 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि परती कुशवानी गांव स्थित निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आ रही है। पुलिस मौके पर पहुँची और मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह की उपस्थिति में घर का ताला तोड़ा गया। अंदर कमरे में आकृति कुमारी का शव पड़ा मिला। इसके बाद केतार थाना में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
गौरतलब है कि आरोपी ने वारदात के बाद घर में ताला बंद कर दिया था, जिससे शव कई दिनों तक अंदर बंद रहा। यह लापरवाही ही उसके अपराध को उजागर करने का कारण बनी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी घटना के बाद राजस्थान भाग गया था।
27 मई को सूचना मिली कि निर्मल सिंह उत्तर प्रदेश के कोन क्षेत्र से होते हुए खरौंधी के रास्ते नगर ऊंटारी की ओर आ रहा है। पुलिस ने बजरमरवा के पास घेराबंदी की। पुलिस वाहन देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
आरोपी का कबूलनामा
पूछताछ में निर्मल सिंह ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह राजस्थान में जहाँ काम करता था, वहाँ के एक युवक से उसने बेटी की शादी तय कर दी थी। आकृति राजस्थान जाकर शादी करने को तैयार नहीं थी और गाँव में ही रहना चाहती थी। इसी बात से नाराज होकर उसने सोई अवस्था में बेटी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
सरकार की प्रतिक्रिया और कानूनी पक्ष
एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह ने 28 मई को एक प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला ऑनर किलिंग और बाल विवाह की कुप्रथाओं से जुड़े गंभीर सामाजिक प्रश्न भी उठाता है।
क्या होगा आगे
आरोपी निर्मल सिंह को न्यायालय में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की जाँच जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी जमानत की कोशिश में वापस लौट रहा था, जो उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। यह घटना झारखंड में बेटियों की सुरक्षा और जबरन विवाह के विरुद्ध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की माँग को फिर से रेखांकित करती है।