झारखंड में नाबालिग लड़की की हत्या: ‘ऑनर किलिंग’ के आरोप में पिता और पुत्र गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड में नाबालिग लड़की की हत्या का मामला सामने आया है।
- आरोपियों ने हत्या का कारण 'सामाजिक कलंक' बताया।
- पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- लड़की का शव बिहार में अंतिम संस्कार किया गया था।
- इस मामले ने समाज में परिवार के भीतर अपराध की गंभीरता को उजागर किया।
रांची, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में एक चौंकाने वाले मामले में, रांची पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की हत्या का खुलासा किया है, जिसे 'सामाजिक कलंक' के कारण कथित तौर पर एक व्यक्ति और उसके बेटे द्वारा मार डाला गया।
आरोपियों ने सबूतों को नष्ट करने के प्रयास में लड़की के शव को गुप्त रूप से बिहार के गया ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
यह मामला रातू पुलिस थाना क्षेत्र से लड़की के अचानक लापता होने की जांच के दौरान सामने आया। जो मामला शुरू में गुमशुदा व्यक्ति का लग रहा था, वह जल्द ही हत्या की जांच में बदल गया, जिससे एक अत्यंत घिनौने अपराध का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सुबोध पाठक, जो रातू जिले के झखरा टांड का निवासी है, ने लगभग आठ साल पहले एक गरीब परिवार से लड़की को अपने घर लाया था और उसे अपनी बेटी की तरह पाला था। हालाँकि, कुछ दिन पहले वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पड़ोसियों द्वारा परिवार से पूछताछ करने पर, वे कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
२ अप्रैल की रात को तनाव और बढ़ गया जब ग्रामीणों ने आरोपी के घर के बाहर एकत्र होकर किसी साजिश का संदेह व्यक्त किया।
सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम के साथ घर की तलाशी ली, हालांकि प्रारंभिक जांच में कुछ भी नहीं मिला।
३ अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई और रांची के एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। तकनीकी निगरानी और अन्य सुरागों का उपयोग करते हुए पुलिस ने सुबोध पाठक और उनके बेटे राहुल पाठक पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें बाद में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
लगातार पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि लड़की की हत्या उनके घर में ही की गई थी और बाद में उसके शव को किराए की एम्बुलेंस से गया ले जाया गया, जहाँ सबूत मिटाने के लिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्या का कारण लोक-लाज का डर बताया है।
उनके बयान के अनुसार, लड़की का राहुल पाठक के बहनोई से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क हुआ था, जो बाद में घनिष्ठ संबंध में बदल गया। इससे क्रोधित होकर पिता और पुत्र ने कथित तौर पर साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने शव ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई एम्बुलेंस को जब्त कर लिया है। चालक पहचान पिंटू कुमार सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया कि सुबोध पाठक ने दावा किया था कि उसकी १३ वर्षीय बेटी की मृत्यु हो गई है और उसने अंतिम संस्कार के लिए गया ले जाने के लिए वाहन किराए पर लिया था।
अधिकारियों ने आरोपियों से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी आगे की जांच के लिए छानबीन की जा रही है।
रातू पुलिस स्टेशन के प्रभारी आदिकांत महतो, सब-इंस्पेक्टर महेश प्रसाद कुशवाहा, संतोष यादव और अनुरंजन कुमार ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि अतिरिक्त सबूत जुटाने और घटनाक्रम का पूरा पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।