रांची में नाबालिग की हत्या: लड़के से दोस्ती के चलते पिता-पुत्र गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- नाबालिग की हत्या एक गंभीर अपराध है।
- परिवारों को बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
- सोशल मीडिया का प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ता है।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- जांच में तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण थे।
रांची, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड की राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक चौकाने वाला खुलासा किया है।
जांच में यह सामने आया है कि इंस्टाग्राम पर एक लड़के से दोस्ती करने से नाराज उसके परिजनों ने ही लड़की की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बिहार के गया में ले जाकर दाह संस्कार किया गया ताकि सबूत मिटाया जा सके। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों, सुबोध पाठक और उसके पुत्र राहुल पाठक को गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार को रांची पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, रातू के झखड़ाटांड निवासी सुबोध पाठक ने करीब 8 वर्ष पहले एक गरीब परिवार की नाबालिग लड़की को अपने घर में लाकर रखा था, जहाँ वह बेटी की तरह रह रही थी। कुछ दिन पहले वह अचानक संदिग्ध रूप से लापता हो गई।
जब पड़ोसियों ने सुबोध पाठक और उनके परिवार से लड़की के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। इसी के चलते 2 अप्रैल की रात करीब 10.30 बजे ग्रामीणों ने सुबोध पाठक के घर पर हंगामा किया।
इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ सुबोध पाठक के घर पर जाकर जांच की, लेकिन प्रारंभिक जांच में कुछ खास नहीं मिला। इसके बाद 3 अप्रैल को कांड संख्या 111/26 के तहत एफआईआर दर्ज की गई और तफ्तीश तेज की गई।
रांची पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कई तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए और इसके आधार पर सुबोध पाठक एवं उसके पुत्र राहुल पाठक से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने लड़की की हत्या की और शव को किराए के एंबुलेंस से बिहार के गया ले जाकर गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार किया।
आरोपियों ने हत्या के पीछे की वजह 'लोक-लाज' बताई। उनके अनुसार, लड़की इंस्टाग्राम के माध्यम से राहुल पाठक के साले से संपर्क में थी और दोनों के बीच दोस्ती बढ़ गई थी। इसी बात से नाराज होकर पिता-पुत्र ने उसकी जान ले ली।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एंबुलेंस को जब्त कर लिया है। एंबुलेंस चालक पिंटू कुमार सिंह ने बताया कि सुबोध पाठक ने उसे अपनी 13 वर्षीय पुत्री की मृत्यु के बारे में बताया और गया में दाह संस्कार के लिए वाहन बुक किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे में रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो, सब-इंस्पेक्टर महेश प्रसाद कुशवाहा, संतोष यादव, और अनुरंजन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।