रांची में नाबालिग घरेलू सहायिका की हत्या का मामला, महिला सुपरवाइजर और भाई गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- नाबालिग घरेलू सहायिका की मौत के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए।
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से सबूत जुटाए।
- ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
- मामला गंभीरता से जांचा जा रहा है।
- घरेलू कामकाजी महिलाओं के प्रति हिंसा का मामला उजागर हुआ।
रांची, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रांची के कांके थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग घरेलू सहायिका की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी झारखंड सरकार में महिला सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत सुषमा कुमारी और उसके भाई को गिरफ्तार किया है।
जांच में यह सामने आया है कि नाबालिग के साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हुई। पुलिस के अनुसार, सुषमा कुमारी ने नाबालिग को अपने घर पर काम करने के लिए रखा था। आरोप है कि काम के दौरान उसे प्रतिदिन पीटा जाता था और अमानवीय व्यवहार किया जाता था।
शनिवार को बेरहमी से की गई मारपीट के बाद नाबालिग की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने का प्रयास करते हुए नाबालिग का शव उसके गाँव भेज दिया और खुद भाग गए। परिजनों ने शव पर गंभीर चोटों के निशान देखे तो मामला सामने आया, जिसके बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। घटना से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों ने कांके थाना का घेराव कर हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने खुद जांच की जिम्मेदारी ली। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट के स्पष्ट दृश्य सामने आए हैं। जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि पीड़िता के साथ लंबे समय से प्रताड़ना की जा रही थी।
डीएसपी मुख्यालय अमर पांडेय ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद देर रात सुषमा कुमारी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।