महिला आरक्षण विधेयक की अस्वीकृति पर खुशबू पाटनी की निराशा: "कब तक इंतजार करें?"
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का अस्वीकृत होना एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है।
- खुशबू पाटनी ने महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है।
- सामाजिक जागरूकता महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
- राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- महिलाओं के हक के लिए नई बहस का होना आवश्यक है।
मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं और विवादों के बीच शुक्रवार को संविधान का 31वां संशोधन विधेयक लोकसभा में अस्वीकृत हो गया।
यह विधेयक महिला आरक्षण कानून में संशोधन लाने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन इसे पारित करने के लिए दो-तिहाई वोटों की आवश्यकता थी। विधेयक के समर्थन में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े, जो कि दो-तिहाई से काफी कम था। इस प्रकार महिला आरक्षण कानून पारित नहीं हो सका। अब राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर हर कोई अपने विचार व्यक्त कर रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और फिटनेस प्रशिक्षक खुशबू पाटनी ने इस विधेयक के अस्वीकृत होने पर अपनी निराशा व्यक्त की है। खुशबू ने सवाल उठाया है कि कब तक महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रहेंगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से महिलाओं के हक में लाए जा रहे विधेयकों की चर्चा होती रही है, लेकिन इतने सालों में भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर यह सवाल किया कि हमें और कितना इंतजार करना होगा।
उन्होंने लिखा, "कितना और इंतज़ार? कभी जनगणना ने रोका, कभी परिसीमन ने। आज तक महिला आरक्षण विधेयक लागू नहीं हो सका।" आगे उन्होंने लिखा, "सभी को पता है कि 2026 में परिसीमन का फ्रीज हट जाएगा, तब भी कोई समाधान नहीं। यह समस्या हमारी है या राजनीतिक दलों की? कितने साल और इंतजार करना होगा, 2035 तक? जब मैं पैदा हुई थी तब से इसी विषय पर चर्चा सुन रही हूं।"
खुशबू पाटनी महिलाओं से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखती हैं। वे सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल महिला सुरक्षा के मुद्दों पर बात करती हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग भी देती हैं। उन्होंने एक सस्ता पेपर स्प्रे भी लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को किसी भी संकट की स्थिति में बचाना है। वहीं, खुशबू पहली बार रियलिटी शो 'ट्राइबवर्स' में भी नजर आ रही हैं। यह शो जियो हॉटस्टार पर प्रसारित हो चुका है।