धनबाद: शराब के विवाद में बेटे ने कुल्हाड़ी से की पिता की हत्या, बादलपुर में गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के बादलपुर गाँव में 28 जुलाई को एक दर्दनाक पारिवारिक हिंसा की घटना सामने आई, जब शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी में 40 वर्षीय कालीपद सोरेन ने अपने 65 वर्षीय पिता चांद सोरेन पर कुल्हाड़ी से कई वार कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर ली।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मंगलवार की शाम पिता और पुत्र दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते-देखते हिंसक झड़प में बदल गई। कालीपद सोरेन ने गुस्से में आकर पास रखी कुल्हाड़ी उठाई और अपने पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण चांद सोरेन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही टुंडी थाने की पुलिस मौके पर पहुँची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद पूरे गाँव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
पृष्ठभूमि और पारिवारिक विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिता और पुत्र अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे और दोनों के बीच आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। यह घटना उसी पुरानी कड़वाहट की चरम परिणति मानी जा रही है। गौरतलब है कि शराब से जुड़े पारिवारिक विवाद झारखंड के ग्रामीण इलाकों में एक गंभीर सामाजिक समस्या के रूप में उभरते रहे हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
टुंडी थाना प्रभारी उमा शंकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला शराब के नशे में हुए विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हत्या के पीछे किसी अन्य कारण की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता और उस दिशा में भी जाँच जारी है। आरोपी कालीपद सोरेन से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के दुष्प्रभावों और पारिवारिक हिंसा के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान खींचता है।