वैशाली में रास्ते के विवाद पर गोलीबारी, सेना के जवान और उनके पिता की हत्या
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र स्थित रजासन गांव में 12 जुलाई (रविवार) को रास्ते के पुराने विवाद ने भीषण रूप ले लिया, जब पट्टीदारों के बीच हुई गोलीबारी में भारतीय सेना के जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारिक राय की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी घटना के बाद फरार हो गए और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
घटनाक्रम: शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, रजासन गांव के वार्ड संख्या पाँच में रास्ते को लेकर पट्टीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। शनिवार रात दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक आरोपी जा चुके थे। रविवार सुबह दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।
कैसे हुई हत्या
आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने अपने चचेरे भाई मुनारिक राय और उनके पुत्र जितेंद्र कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मुनारिक राय की गोली लगने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र कुमार को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र कुमार भारतीय सेना में जवान के पद पर कार्यरत थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वैशाली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला पारिवारिक और रास्ते के विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
आम जनता पर असर
घटना के बाद रजासन गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में ज़मीन और रास्ते के विवादों से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।
आगे की जाँच
पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जाँच कर रही है। एक सक्रिय सैन्य जवान की हत्या के मद्देनज़र प्रशासनिक स्तर पर मामले की गंभीरता से समीक्षा किए जाने की संभावना है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी ही इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय करेगी।