कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा के निधन पर PM मोदी ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जुलाई 2026 को कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत नेता को एक दूरदर्शी राजनेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयाँ छुईं। यह निधन ऐसे समय में हुआ है जब भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं।
मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "हम (भारत) कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था।"
उन्होंने आगे लिखा, "मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ।"
अमीरी दीवान की आधिकारिक घोषणा
कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था अमीरी दीवान ने रविवार को शेख हमद के निधन की आधिकारिक घोषणा की। अमीरी दीवान ने कहा, "ईश्वर के फैसले और नियति पर अटूट विश्वास के साथ, अमीरी दीवान राष्ट्र की इस महान क्षति पर शोक व्यक्त करता है। परमात्मा दिवंगत अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी पर अपनी कृपा बनाए रखें, जिनका आज सुबह निधन हो गया।"
शेख हमद की विरासत और उपलब्धियाँ
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उन्हें देश के आधुनिक विकास का शिल्पकार माना जाता है। अपने 18 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने कतर के विशाल प्राकृतिक गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की, जिससे कतर प्रति व्यक्ति आय के आधार पर विश्व के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया।
उनके नेतृत्व में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की। 2006 एशियाई खेलों का आयोजन, 2012 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की मेजबानी, दोहा समझौता, फतह–हमास दोहा समझौता और 2022 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार — ये सब उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं। उनकी सक्रिय विदेश नीति ने कतर को वैश्विक कूटनीतिक मंच पर एक प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
स्वैच्छिक सत्ता हस्तांतरण
जून 2013 में शेख हमद ने स्वेच्छा से गद्दी त्याग दी और सत्ता अपने चौथे पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं। यह अरब विश्व में सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण का एक विरल उदाहरण माना जाता है।
भारत-कतर संबंधों पर असर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2024 में कतर की अपनी यात्रा के दौरान शेख हमद से व्यक्तिगत रूप से भेंट की थी। यह निधन ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में अपने संबंधों को नई गहराई दे रहे हैं। भारत सरकार ने शोक संदेश के साथ दिवंगत नेता के परिवार और कतर की जनता के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।