भारत-नेपाल स्टार्टअप पार्टनरशिप: आईएन-एसपीएएन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च, 24 उद्यमियों को IIT मद्रास से मिला इनक्यूबेशन ऑफर
सारांश
मुख्य बातें
काठमांडू में भारतीय दूतावास और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन की संयुक्त पहल — भारत-नेपाल स्टार्टअप पार्टनरशिप नेटवर्क (IN-SPAN) — के तहत प्रशिक्षित 24 नेपाली उद्यमियों ने एक स्थायी द्विपक्षीय संस्थान की नींव रखी है। इन उद्यमियों ने दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चेन्नई में आठ सप्ताह के पूर्णतः वित्त-पोषित कार्यक्रम में मेंटरशिप और मार्केट एक्सपोज़र हासिल किया। कार्यक्रम से लौटने के बाद इन प्रतिभागियों ने IN-SPAN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की, जिसका उद्देश्य नेपाल में एक स्वावलंबी द्विपक्षीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
प्रोग्राम का स्वरूप और उपलब्धियाँ
भारतीय दूतावास के अनुसार, काठमांडू में एक व्यापक चयन प्रक्रिया के ज़रिए चुने गए इन 24 उद्यमियों ने आईआईटी मद्रास प्रवर्तक में वर्कशॉप में भाग लिया और भारतीय स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व वरिष्ठ अधिकारियों से सीधी बातचीत की। प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और सोलर फोटोवोल्टिक्स में विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे किए और भारतीय स्टार्टअप्स में इंटर्नशिप भी की।
इस कार्यक्रम का सबसे उल्लेखनीय परिणाम यह रहा कि नौ नेपाली स्टार्टअप्स को आईआईटी मद्रास इनक्यूबेशन सेल — जो भारत के अग्रणी डीप-टेक इनक्यूबेटर्स में से एक है — से इनक्यूबेशन और निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए।
IN-SPAN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
भारत से लौटे प्रतिभागियों ने IN-SPAN से मिली ऊर्जा को संस्थागत रूप देने का निर्णय लिया। नए गठित IN-SPAN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लक्ष्य अकादमी, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच संरचित इनक्यूबेशन, सीमापार सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना है, ताकि दोनों देशों के संस्थापक, शोधकर्ता और संस्थान मिलकर काम कर सकें।
संगठन की ओर से जारी प्रेस स्टेटमेंट के अनुसार, 2026–2029 कार्यकाल के लिए नौ सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड औपचारिक रूप से गठित किया गया है। असीम श्रेष्ठ को अध्यक्ष, प्रबीन भट्टाराई को उपाध्यक्ष, श्रीयांच श्रेष्ठ को महासचिव, ऋतिक बाबू श्रेष्ठ को संयुक्त सचिव और प्रदीप गिरी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मोहन तमांग, विष्णु कुमार अग्रवाल, निकेश सिंह और सुनील के.सी. को कार्यकारी सदस्य चुना गया है।
तीन साल का रोडमैप
कार्यकारी बोर्ड के गठन के बाद संस्थान ने 2026–2029 के लिए पाँच-सूत्रीय रोडमैप को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत:
काठमांडू में एक फ्लैगशिप इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो प्रतिवर्ष 25 स्टार्टअप्स को सहयोग देगा। हर साल लगभग 500 उद्यमियों के लिए फाउंडर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित होगा। नेपाल और भारत के उद्योग नेताओं के साथ मासिक टाउन हॉल इंटरेक्शन होंगे। उद्यमियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन देने के लिए एक स्टार्टअप हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। दोनों देशों के संस्थापकों, निवेशकों और इकोसिस्टम नेताओं को एकत्र करने के लिए वार्षिक दो बार स्टार्टअप संवाद कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे।
आगे क्या
संस्थान ने बताया कि अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में संगठन जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में एक स्टार्टअप टाउन हॉल आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम केंद्र की औपचारिक स्थापना के बाद उसका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही, IN-SPAN कार्यक्रम का दूसरा बैच 1 जून 2026 को आरंभ हो चुका है, जिसमें 25 नेपाली स्टार्टअप चेन्नई में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक में आठ सप्ताह के पूर्णतः वित्त-पोषित उद्यमिता, प्रशिक्षण और इनोवेशन कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। केंद्र ने आईआईटीएम प्रवर्तक के साथ संस्थागत सहयोग को और गहरा करने की भी योजना बनाई है, ताकि नेपाल के स्टार्टअप इकोसिस्टम की वृद्धि को तकनीकी, अकादमिक और औद्योगिक साझेदारियों के माध्यम से गति मिल सके।