वायनाड भूस्खलन: अमित मालवीय का आरोप — राहुल-प्रियंका अब तक नहीं पहुँचे पीड़ितों के पास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 12 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केरल के वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन के बाद भी दोनों नेता प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने या पीड़ितों से मिलने नहीं पहुँचे।
मालवीय का एक्स पोस्ट और आरोप
मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि वायनाड में भूस्खलन से जान-माल का भारी नुकसान हुआ और बड़े पैमाने पर तबाही मची, बावजूद इसके राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा में से कोई भी प्रभावित इलाके में जाकर पीड़ितों से नहीं मिला।
उन्होंने कहा, 'किसी भी जनप्रतिनिधि की संवेदनशीलता इस बात से मापी जाती है कि वह लोगों के सबसे कठिन समय में उनके साथ खड़ा हो, न कि केवल चुनाव के समय उनके बीच पहुँचे।' मालवीय ने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का वह तबका जो अन्य मामलों में काफी मुखर रहता है, इस बार पूरी तरह खामोश है।
वायनाड भूस्खलन: मुख्य घटनाक्रम
7 जुलाई को वायनाड जिले के मेप्पाडी के निकट कल्लाडी क्षेत्र में एक बड़ा भूस्खलन हुआ। यह हादसा निर्माणाधीन अनाक्कम्पॉयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग परियोजना के स्थल पर हुआ। अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मिट्टी खिसकने से यह दुर्घटना हुई, जिसमें जान-माल का नुकसान हुआ।
गौरतलब है कि यह वायनाड के लिए कोई पहली ऐसी त्रासदी नहीं है। 30 जुलाई 2024 को भी वायनाड ने एक भीषण भूस्खलन का सामना किया था, जिसमें पुंचीरीमट्टम, चोरालमाला और मुंडाक्कई गाँव पूरी तरह तबाह हो गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे और आपदा तैयारी को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा और वायनाड का राजनीतिक संदर्भ
प्रियंका गांधी वाड्रा वर्तमान में वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने इस सीट के उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। इस लिहाज़ से वायनाड उनका अपना संसदीय क्षेत्र है, जिससे मालवीय के आरोप राजनीतिक रूप से और अधिक तीखे हो जाते हैं।
राहुल गांधी इससे पहले वायनाड से ही सांसद रह चुके हैं और 2024 के आम चुनाव में वायनाड व रायबरेली दोनों सीटों से जीत के बाद उन्होंने रायबरेली को चुना था, जिसके बाद प्रियंका ने वायनाड उपचुनाव लड़ा था।
विपक्ष की चुप्पी पर BJP का निशाना
मालवीय के बयान को BJP की उस व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है जिसमें पार्टी कांग्रेस नेताओं की 'ज़मीनी अनुपस्थिति' को उजागर करती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आरोप अक्सर राजनीतिक रूप से प्रेरित होते हैं, हालाँकि कांग्रेस की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वायनाड जैसे संवेदनशील और आपदा-प्रवण क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की ज़िम्मेदारी को लेकर यह विवाद आगे और गहरा हो सकता है।