12 जुलाई 2026
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अफगान कृषि मंत्री ओमरी की भारत यात्रा: कृषि, जल संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग पर जोर

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अफगान कृषि मंत्री ओमरी की भारत यात्रा: कृषि, जल संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग पर जोर

सारांश

अफगानिस्तान के कृषि मंत्री की छह दिवसीय भारत यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह अक्टूबर 2025 के बाद चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा थी। कृषि अनुसंधान से लेकर जल संरक्षण तक, भारत ने अफगान कृषि क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मावालावी अताउल्लाह ओमरी ने 7 से 12 जुलाई 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा की।
यह अक्टूबर 2025 के बाद अफगानिस्तान की भारत को चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और चिराग पासवान से द्विपक्षीय बैठकें हुईं।
कृषि, सिंचाई, जल संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और पशुधन विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
प्रतिनिधिमंडल ने NABARD, ICAR, IARI, CIMMYT, ICRISAT, CIP और IFDC जैसे प्रमुख संस्थानों से संवाद किया।

अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावालावी अताउल्लाह ओमरी ने 7 से 12 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा की। उनके साथ आए उच्चस्तरीय अफगान प्रतिनिधिमंडल ने भारत के शीर्ष कृषि संस्थानों और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, अक्टूबर 2025 के बाद से अफगानिस्तान की यह चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच गहराते कूटनीतिक और कृषि सहयोग का संकेत देती है।

मुख्य घटनाक्रम

यात्रा के दौरान अफगान मंत्री ओमरी ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुधन विकास, कृषि अनुसंधान, शिक्षा, क्षमता निर्माण और कृषि व्यापार जैसे क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग की समीक्षा हुई और भविष्य के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

वार्ता में खाद्य सुरक्षा, बेहतर बीज प्रणाली और फसल उत्पादकता बढ़ाने के मुद्दे केंद्र में रहे। भारत ने अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र को सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों, जैव-सशक्त फसलों, टिकाऊ सिंचाई तकनीकों, जल संरक्षण और जलग्रहण क्षेत्र विकास पर विशेष ज़ोर दिया गया।

खाद्य प्रसंस्करण और व्यापार पर चर्चा

अफगान कृषि मंत्री ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कृषि और खाद्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढाँचे के विकास, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण पर सहमति बनाने की दिशा में चर्चा हुई।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान अपने कृषि उत्पादों — विशेषकर सूखे मेवों और मसालों — के लिए भारतीय बाज़ार को एक प्रमुख गंतव्य मानता है। इस संदर्भ में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भारत का तकनीकी सहयोग अफगानिस्तान के निर्यात आधार को मज़बूत कर सकता है।

विदेश राज्य मंत्री से भेंट

अफगान प्रतिनिधिमंडल ने विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से भी भेंट की। इस दौरान अफगान जनता के विकास और कल्याण से जुड़े द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

प्रमुख संस्थानों से संवाद

प्रतिनिधिमंडल ने भारत के कई प्रतिष्ठित कृषि और अनुसंधान संस्थानों के साथ भी संवाद किया। इनमें राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT), अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT), अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP), अंतरराष्ट्रीय उर्वरक विकास केंद्र (IFDC), FICCI और PHDCCI शामिल रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान में कृषि क्षेत्र गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है और भारत की विशेषज्ञता — विशेषकर शुष्क भूमि कृषि और जल प्रबंधन में — अफगान किसानों के लिए सीधे उपयोगी हो सकती है।

आगे की राह

यह यात्रा अक्टूबर 2025 के बाद से अफगानिस्तान की भारत को चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा है, जो संकेत देती है कि दोनों देश कूटनीतिक संपर्क को व्यावहारिक सहयोग में बदलने की दिशा में सक्रिय हैं। आने वाले समय में कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यापार समझौतों के ज़रिए इस साझेदारी को और ठोस रूप दिए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बीज आपूर्ति, सिंचाई परियोजनाएँ — कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं, क्योंकि अतीत में ऐसी उच्चस्तरीय यात्राएँ घोषणाओं तक सीमित रह जाती हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगान कृषि मंत्री मावालावी अताउल्लाह ओमरी की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अफगानिस्तान के बीच कृषि, सिंचाई, जल संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और पशुधन विकास में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना था। दोनों देशों ने मौजूदा सहयोग की समीक्षा की और भविष्य के नए अवसरों पर चर्चा की।
इस यात्रा के दौरान किन भारतीय मंत्रियों से मुलाकात हुई?
अफगान मंत्री ओमरी ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से अलग-अलग बैठकें कीं।
यह यात्रा भारत-अफगानिस्तान संबंधों के लिहाज़ से क्यों अहम है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2025 के बाद यह अफगानिस्तान की भारत को चौथी मंत्री-स्तरीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यावहारिक जुड़ाव को दर्शाती है। यह यात्रा कूटनीतिक संपर्क को कृषि और खाद्य क्षेत्र में ठोस सहयोग में बदलने की कोशिश का हिस्सा है।
अफगान प्रतिनिधिमंडल ने भारत के किन संस्थानों का दौरा किया?
प्रतिनिधिमंडल ने NABARD, ICAR, IARI, CIMMYT, ICRISAT, CIP, IFDC के साथ-साथ उद्योग संगठन FICCI और PHDCCI से भी संवाद किया। ये संस्थान कृषि अनुसंधान, वित्तपोषण और व्यापार संवर्धन में भारत की विशेषज्ञता के केंद्र हैं।
भारत-अफगानिस्तान कृषि सहयोग में कौन-से क्षेत्र प्राथमिकता में हैं?
जलवायु-अनुकूल फसल किस्में, जैव-सशक्त फसलें, टिकाऊ सिंचाई तकनीकें, जल संरक्षण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, खाद्य प्रसंस्करण में मूल्य संवर्धन और कृषि व्यापार — ये सभी क्षेत्र इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं में प्राथमिकता में रहे।
राष्ट्र प्रेस
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