कन्हैया कुमार का हमला: 'शिक्षा व्यवस्था ICU में', रांची में 'छात्रों की गूंज' मैराथन से उठी पेपर लीक पर आवाज़
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने 12 जुलाई 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से आयोजित स्टूडेंट्स मैराथन में केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था आईसीयू में पहुँच चुकी है। यह आयोजन कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत किया गया, जो अब 28 शहरों में फैल चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार की सुबह बापू वाटिका से मैराथन को कन्हैया कुमार समेत कांग्रेस और युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रांची और आसपास के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने इसमें भाग लिया। मैराथन विजेताओं को क्रमशः ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए; अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
कन्हैया कुमार की तीखी प्रतिक्रिया
सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पूरा देश उनके इस्तीफे की माँग कर रहा है।
कुमार ने यह भी बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कोटा से छात्रों के साथ जो संवाद शुरू किया था, वह अब '28 शहर, 40 दिन, एक आंदोलन' के रूप में देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर राहुल गांधी तक पहुँचाया जाएगा, ताकि संसद में शिक्षा सुधार के लिए प्रभावी आवाज़ उठाई जा सके।
अभियान में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
कन्हैया कुमार ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत उठाई जा रही प्रमुख समस्याओं को सूचीबद्ध किया — पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, शैक्षणिक सत्रों में अनियमितता, छात्रावासों की खराब स्थिति और बढ़ती बेरोजगारी। यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आक्रोश पैदा किया है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब ने आरोप लगाया कि पेपर लीक अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है और इससे मेहनत करने वाले लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में है। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, नमन बिक्सल कोंगाड़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
गौरतलब है कि '28 शहर, 40 दिन, एक आंदोलन' के तहत देशभर के छात्रों की समस्याओं को एकत्र कर शिक्षा सुधार के लिए व्यापक जनदबाव बनाने की योजना है। आने वाले दिनों में यह अभियान शेष शहरों में भी जारी रहेगा और छात्रों के सुझावों को संसदीय मंच पर रखने की तैयारी है।