मोदी के विदेश दौरों से भारत की वैश्विक साख मजबूत: बीएल वर्मा का बरेली में बयान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने 12 जुलाई को बरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊँचाई दी है और देश के रणनीतिक एवं आर्थिक हितों को सशक्त किया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की प्रत्येक विदेश यात्रा का स्पष्ट उद्देश्य भारत के लिए निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी सुनिश्चित करना होता है।
मुख्य बयान और दावे
वर्मा ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक देशों की यात्राएं कर भारत के हितों को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां से देश के लिए कुछ न कुछ सकारात्मक परिणाम लेकर लौटते हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि बीते 12 वर्षों में मोदी ने जितने देशों का दौरा किया है, उतनी यात्राएं पहले के कई प्रधानमंत्रियों ने मिलकर भी शायद नहीं की होंगी।
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री विदेश नीति को केवल कूटनीतिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रखते, बल्कि यह देखते हैं कि भारत को किस प्रकार अधिकतम लाभ मिल सकता है। इसी क्रम में हालिया विदेश दौरा भी भारत के हित में सफल और उपयोगी रहा।'
यूरेनियम समझौते पर प्रतिक्रिया
हालिया यूरेनियम समझौते पर टिप्पणी करते हुए वर्मा ने इसे भारत की सामरिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश की सैन्य शक्ति लगातार सुदृढ़ हुई है और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे रक्षा समझौते इसकी मिसाल हैं। उनके अनुसार, 'अब स्थिति यह नहीं रही कि भारत दुनिया की ओर उम्मीद से देखे, बल्कि विश्व के अनेक देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने के इच्छुक हैं।'
राम मंदिर चंदा विवाद पर रुख
राम मंदिर चंदा मामले में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर वर्मा ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच से पूरे मामले के तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की निष्पक्ष जांच के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
2027 चुनाव और राजनीतिक दावे
वर्मा ने सनातन परंपराओं का समर्थन करते हुए विपक्षी दलों पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और विकास व सुशासन की नीतियों को आगे बढ़ाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की विदेश नीति और रक्षा सहयोग के मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं और विपक्ष सरकार से जवाबदेही माँग रहा है।