कोलकाता पुलिस ने ₹20 लाख फिरौती मांग मामले में अपहृत कारोबारी दिलीप जैन को बचाया, दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के पोस्ता इलाके में कथित अपहरण और मारपीट का शिकार हुए स्थानीय कारोबारी दिलीप जैन को पोस्ता पुलिस स्टेशन की टीम ने शनिवार देर रात सकुशल बचा लिया। अपहरणकर्ताओं ने कथित तौर पर ₹20 लाख की फिरौती की माँग की थी। इस मामले में रोहन और राजेश नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण
मूल रूप से राजस्थान के निवासी दिलीप जैन अपने परिवार के साथ कोलकाता के पोस्ता पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहते हैं। शुक्रवार को उनके परिवार ने पोस्ता पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उन्हें फिरौती के लिए लगातार फोन आ रहे थे।
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि आरोपी रोहन और राजेश ने कथित तौर पर दिलीप जैन के माध्यम से एक अन्य व्यक्ति को ₹20 लाख उधार दिए थे, जिसके लिए दिलीप को कमीशन मिला था। जब उधार लेने वाला व्यक्ति राशि चुकाने में विफल रहा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर दिलीप से पैसे वापस माँगे। पुलिस के अनुसार दिलीप ने जिम्मेदारी से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपियों ने अपहरण कर फिरौती वसूलने की योजना बनाई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पोस्ता पुलिस स्टेशन की टीम ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग शुरू किया। मोबाइल टावर लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर जाँचकर्ताओं ने दिलीप जैन को पोस्ता क्षेत्र के हरिराम गोयनका स्ट्रीट स्थित एक परिसर में ट्रैक किया।
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने परिसर पर छापा मारा, कारोबारी को सकुशल मुक्त कराया और मौके पर ही रोहन व राजेश को हिरासत में ले लिया।
जाँच की दिशा
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जाँच जारी है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि अपहरण में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इसके अलावा, दिलीप जैन के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा किसी अन्य ने भी फिरौती के लिए फोन किया था या नहीं।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार मामले की विस्तृत जाँच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। यह मामला कोलकाता में कारोबारी विवादों के अपहरण में तब्दील होने की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है।