दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिला, नरोत्तम मिश्रा बोले — 'पार्टी सर्वोपरि, मरते दम तक संगठन के साथ'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव में पार्टी टिकट न मिलने के बाद 12 जुलाई को अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के फैसले से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और वे जीवन भर संगठन के प्रति समर्पित रहेंगे। दतिया से कई बार विधायक रहे मिश्रा ने कहा कि पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं होता।
मिश्रा ने क्या कहा
पत्रकारों से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'चुनाव में टिकट की इच्छा हर कार्यकर्ता रखता है, लेकिन पार्टी में टिकट किसी एक व्यक्ति को ही मिल सकता है। पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाती है, सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे मिलकर उसकी जीत के लिए काम करें।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'पार्टी ने मुझे बहुत अवसर दिए हैं और कई बार विधायक बनाया है। मुझे जितना मौका मिला, वह पर्याप्त है। मैं संतुष्ट हूं और मरते दम तक पार्टी में रहूंगा।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया, 'इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं होता। संगठन हमेशा सर्वोपरि होता है और पार्टी नेतृत्व के फैसले को सम्मान के साथ स्वीकार करना प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है।'
आत्ममंथन की बात, किसी पर दोष नहीं
उम्मीदवारी न मिलने के कारणों पर मिश्रा ने कहा कि वे इसके लिए न तो संगठन को, न मुख्यमंत्री को और न ही किसी अन्य नेता को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने के बजाय वे आत्ममंथन करेंगे और अपनी कमियों को सुधारने का प्रयास करेंगे। यह रुख उन्हें उन नेताओं से अलग करता है जो टिकट न मिलने पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताते हैं।
भाजपा उम्मीदवार के नामांकन में होंगे शामिल
नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि वे भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे और दतिया उपचुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, 'भाजपा एक ऐसा संगठन है जो दूरगामी सोच के साथ निर्णय लेता है। पार्टी के फैसले को स्वीकार करते हुए मैं पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करूंगा।'
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक
मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश अध्यक्ष और क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) अजय जामवाल के साथ बैठक हुई। इस बैठक में दतिया उपचुनाव की जीत की रणनीति, उम्मीदवार के नामांकन और पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
आगे क्या
दतिया उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन के साथ पार्टी का चुनावी अभियान औपचारिक रूप से शुरू होगा। नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेताओं का खुलकर समर्थन पार्टी की एकजुटता का संदेश देता है, जो उपचुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।