दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो भड़के समर्थक, BJP जिला अध्यक्ष बोले — बदलाव तक नहीं मानेंगे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर असंतोष की आग भड़क उठी है। वरिष्ठ BJP नेता नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने उपचुनाव के लिए प्रत्याशी नहीं बनाया, जिससे उनके समर्थकों में गहरी नाराज़गी है। समर्थकों का साफ कहना है कि वे पार्टी से पहले नरोत्तम मिश्रा के कार्यकर्ता हैं और टिकट में बदलाव न होने तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
BJP के दतिया जिला अध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा ने स्वीकार किया कि पार्टी कार्यकर्ता एक दिन पहले से ही एकत्र होने लगे थे। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक ही माँग है — जब तक बदलाव नहीं होगा, वे नहीं हटेंगे।' यह बयान इस बात का संकेत है कि असंतोष केवल समर्थकों तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय संगठन के भीतर भी पैठ बना चुका है।
समुदाय की आवाज़
डबरा में सिख समुदाय के सदस्य लखविंदर सिंह ने कहा, 'हम नरोत्तम मिश्रा को बचपन और कॉलेज के दिनों से जानते हैं। मैं कई सालों से राजनीति से जुड़ा हूँ और इस दौरान मैंने उन्हें कभी ऐसा कुछ करते नहीं देखा जिसके आधार पर उन्हें टिकट देने से मना किया जाए। वे पहले भी चुनाव जीत चुके हैं और दतिया से यह चुनाव भी जीत जाते। हमारा मानना है कि यह गलत फैसला था।'
सिख समुदाय के एक अन्य सदस्य बलविंदर सिंह ने कहा, 'BJP बाद में, पहले हम दादा के कार्यकर्ता हैं। हमारा मानना है कि वे भारी अंतर से चुनाव जीत जाते, लेकिन गलत समय पर उनका टिकट वापस ले लिया गया।'
इस्तीफे की चेतावनी
डबरा में दो बार BJP मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व BJP पार्षद रह चुकीं हरजीत कौर बलविंदर सिंह ने इस्तीफे तक की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा, 'मैं पहले BJP पार्षद थी और अभी मंडल उपाध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हूँ। मैं इस्तीफा देना चाहती हूँ, क्योंकि अगर हमारा नेता ही पार्टी में सुरक्षित नहीं है, तो हम क्या करें? नरोत्तम मिश्रा हमारे नेता हैं और उन्हें टिकट न देना गलत फैसला था।' यह बयान दर्शाता है कि पार्टी का संगठनात्मक ढाँचा इस फैसले से कितना हिल गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश BJP के कद्दावर नेताओं में से एक रहे हैं और दतिया से पहले भी चुनाव जीत चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब BJP मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश में है। टिकट वितरण में इस तरह का आंतरिक विरोध पार्टी के लिए उपचुनाव से पहले एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
क्या होगा आगे
समर्थकों की माँग है कि पार्टी अपना फैसला पलटे और नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी घोषित करे। फिलहाल BJP नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दतिया उपचुनाव में यह आंतरिक कलह पार्टी की संभावनाओं पर असर डाल सकती है।