11 जुलाई 2026
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दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो भड़के समर्थक, BJP जिला अध्यक्ष बोले — बदलाव तक नहीं मानेंगे

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दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो भड़के समर्थक, BJP जिला अध्यक्ष बोले — बदलाव तक नहीं मानेंगे

सारांश

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही BJP के भीतर बगावत के सुर उठ गए। समर्थक कह रहे हैं — 'पार्टी बाद में, दादा पहले।' BJP जिला अध्यक्ष ने भी माना कि बदलाव तक कार्यकर्ता नहीं मानेंगे। यह आंतरिक कलह उपचुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।

मुख्य बातें

दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद BJP ने नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी नहीं बनाया।
BJP दतिया जिला अध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा ने माना कि कार्यकर्ता बदलाव तक नहीं मानेंगे।
डबरा के सिख समुदाय के सदस्यों लखविंदर सिंह और बलविंदर सिंह ने टिकट वापसी को गलत फैसला बताया।
दो बार BJP मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व पार्षद हरजीत कौर बलविंदर सिंह ने इस्तीफे की चेतावनी दी।
समर्थकों का कहना है कि मिश्रा पहले भी दतिया से चुनाव जीत चुके हैं और इस बार भी जीतते।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर असंतोष की आग भड़क उठी है। वरिष्ठ BJP नेता नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने उपचुनाव के लिए प्रत्याशी नहीं बनाया, जिससे उनके समर्थकों में गहरी नाराज़गी है। समर्थकों का साफ कहना है कि वे पार्टी से पहले नरोत्तम मिश्रा के कार्यकर्ता हैं और टिकट में बदलाव न होने तक वे शांत नहीं बैठेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

BJP के दतिया जिला अध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा ने स्वीकार किया कि पार्टी कार्यकर्ता एक दिन पहले से ही एकत्र होने लगे थे। उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक ही माँग है — जब तक बदलाव नहीं होगा, वे नहीं हटेंगे।' यह बयान इस बात का संकेत है कि असंतोष केवल समर्थकों तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय संगठन के भीतर भी पैठ बना चुका है।

समुदाय की आवाज़

डबरा में सिख समुदाय के सदस्य लखविंदर सिंह ने कहा, 'हम नरोत्तम मिश्रा को बचपन और कॉलेज के दिनों से जानते हैं। मैं कई सालों से राजनीति से जुड़ा हूँ और इस दौरान मैंने उन्हें कभी ऐसा कुछ करते नहीं देखा जिसके आधार पर उन्हें टिकट देने से मना किया जाए। वे पहले भी चुनाव जीत चुके हैं और दतिया से यह चुनाव भी जीत जाते। हमारा मानना है कि यह गलत फैसला था।'

सिख समुदाय के एक अन्य सदस्य बलविंदर सिंह ने कहा, 'BJP बाद में, पहले हम दादा के कार्यकर्ता हैं। हमारा मानना है कि वे भारी अंतर से चुनाव जीत जाते, लेकिन गलत समय पर उनका टिकट वापस ले लिया गया।'

इस्तीफे की चेतावनी

डबरा में दो बार BJP मंडल उपाध्यक्ष और पूर्व BJP पार्षद रह चुकीं हरजीत कौर बलविंदर सिंह ने इस्तीफे तक की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा, 'मैं पहले BJP पार्षद थी और अभी मंडल उपाध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हूँ। मैं इस्तीफा देना चाहती हूँ, क्योंकि अगर हमारा नेता ही पार्टी में सुरक्षित नहीं है, तो हम क्या करें? नरोत्तम मिश्रा हमारे नेता हैं और उन्हें टिकट न देना गलत फैसला था।' यह बयान दर्शाता है कि पार्टी का संगठनात्मक ढाँचा इस फैसले से कितना हिल गया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश BJP के कद्दावर नेताओं में से एक रहे हैं और दतिया से पहले भी चुनाव जीत चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब BJP मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश में है। टिकट वितरण में इस तरह का आंतरिक विरोध पार्टी के लिए उपचुनाव से पहले एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

क्या होगा आगे

समर्थकों की माँग है कि पार्टी अपना फैसला पलटे और नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी घोषित करे। फिलहाल BJP नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दतिया उपचुनाव में यह आंतरिक कलह पार्टी की संभावनाओं पर असर डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठनात्मक जोखिम है। जब पार्टी का जिला अध्यक्ष खुद स्वीकार करे कि कार्यकर्ता नहीं मान रहे, तो यह असंतोष की गहराई बताता है। उपचुनाव में एकजुटता सबसे बड़ी ताकत होती है — और यह कलह उस एकजुटता को सीधे चुनौती दे रही है। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'समर्थकों की नाराज़गी' तक सीमित रखती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या BJP नेतृत्व इस विरोध को दबाएगा या संवाद से सुलझाएगा — और उसका जवाब दतिया की सीट का भविष्य तय करेगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया?
BJP ने दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी नहीं बनाया, हालाँकि पार्टी की ओर से इसका कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। समर्थकों का कहना है कि यह फैसला गलत था क्योंकि मिश्रा पहले भी दतिया से चुनाव जीत चुके हैं।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थक क्या माँग कर रहे हैं?
समर्थक BJP से माँग कर रहे हैं कि नरोत्तम मिश्रा को दतिया उपचुनाव का प्रत्याशी घोषित किया जाए। BJP जिला अध्यक्ष रघुबीर कुशवाहा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की एक ही माँग है और वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक टिकट में बदलाव नहीं होता।
दतिया उपचुनाव में BJP की आंतरिक कलह का क्या असर पड़ सकता है?
आंतरिक विरोध उपचुनाव से पहले BJP की एकजुटता को कमज़ोर कर सकता है। दो बार BJP मंडल उपाध्यक्ष रह चुकीं हरजीत कौर बलविंदर सिंह ने इस्तीफे तक की चेतावनी दी है, जो दर्शाता है कि असंतोष सिर्फ कार्यकर्ताओं तक नहीं, संगठन के भीतर तक फैला है।
नरोत्तम मिश्रा कौन हैं?
नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश BJP के वरिष्ठ नेता हैं जो दतिया विधानसभा सीट से पहले चुनाव जीत चुके हैं। उनके समर्थक उन्हें 'दादा' के नाम से भी संबोधित करते हैं और लंबे समय से उनसे जुड़े हैं।
क्या BJP नेतृत्व ने इस विरोध पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अब तक BJP के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय जिला अध्यक्ष ने समर्थकों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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