दतिया में 12 घंटे बाद चक्काजाम खत्म, पथराव में एएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी घायल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया में 11 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव का टिकट न मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। करीब 12 घंटे तक चले इस चक्काजाम के दौरान पथराव की घटना हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), डीएसपी और एसडीओपी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए तथा पुलिस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुँचा।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले ही बाजार बंद का ऐलान कर दिया था, जिससे स्थानीय व्यापारी सहमत नहीं थे। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने बाजारों में भारी पुलिस बल तैनात किया। समझाने-बुझाने के तमाम प्रयास विफल रहने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि इस दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज नहीं किया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पहले शांतिपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी जबरन बाजार बंद नहीं कराने दिया जाएगा। वानखेड़े ने कहा, 'किसी राजनीतिक दल द्वारा किसे टिकट दिया जाए, यह उसका आंतरिक मामला है, लेकिन ऐसे मामलों के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।'
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आचार संहिता के दौरान किसी भी ओर से शांति भंग करने की कोशिश पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी सुरक्षा व्यवस्था
जिलाधिकारी वानखेड़े ने बताया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ की 16 कंपनियाँ तैनात की गई हैं और सभी मतदाताओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन ने ली है। आगे भी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी जारी रहेगी।