31 जुलाई 2026
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पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का पथराव: दुकानें क्षतिग्रस्त, यात्री व पुलिसकर्मी घायल

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पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का पथराव: दुकानें क्षतिग्रस्त, यात्री व पुलिसकर्मी घायल

सारांश

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर 14 जून की रात मद्य निषेध विभाग परीक्षा के अभ्यर्थियों ने ट्रेन व्यवस्था से नाराज होकर पथराव किया। रात 12:30 से सुबह 5 बजे तक चले उपद्रव में दुकानें टूटीं, यात्री और पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने सीसीटीवी से आरोपियों की पहचान शुरू की है।

मुख्य बातें

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर 14 जून 2026 की रात 12:30 बजे से सुबह 5 बजे तक पथराव और तोड़-फोड़ हुई।
मद्य निषेध विभाग परीक्षा के लगभग 200-250 अभ्यर्थियों ने ट्रेन रोककर पथराव किया।
स्टेशन की कई दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं; अनेक यात्री और पुलिसकर्मी घायल।
RPF, GRP और जिला पुलिस के संयुक्त प्रयास से भीड़ हटाई गई, ट्रेनें पुनः चालू।
आईजी जितेंद्र राणा ने बताया — सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान जारी, प्राथमिकी दर्ज ।

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन, पटना पर 14 जून 2026 की रात 12:30 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी उपद्रव हुआ, जब मद्य निषेध विभाग की परीक्षा में शामिल होने आए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने ट्रेनों में भीड़ और अपर्याप्त व्यवस्था से नाराज होकर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसा में स्टेशन परिसर की कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, अनेक यात्री चोटिल हुए और कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।

मुख्य घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शी राजकुमार के अनुसार, परीक्षा के कारण स्टेशन पर असाधारण भीड़ थी और कोई विशेष ट्रेन नहीं चलाई गई थी। जो भी ट्रेनें आ रही थीं, वे पहले से खचाखच भरी थीं। पर्याप्त यातायात व्यवस्था न होने से नाराज अभ्यर्थियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तैनात प्रशासनिक कर्मी पीछे हट गए और स्टेशन की स्टॉलों को नुकसान पहुँचा।

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी करन कुमार ने बताया कि अचानक भड़के आक्रोश में युवाओं ने ट्रेनों पर पथराव किया। यह हंगामा रात 12:30 बजे से शुरू होकर सुबह 5 बजे तक जारी रहा, जिसे पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद काबू में लिया।

आईजी का बयान

आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि लगभग 200 से 250 अभ्यर्थी ट्रेन को रोके हुए थे। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और जिला पुलिस बल के संयुक्त प्रयास से भीड़ को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने पथराव शुरू कर दिया। राणा के अनुसार, जान-माल की हानि रोकने के लिए पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की और अंततः भीड़ को हटा दिया गया।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस ने पथराव करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू की जा चुकी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सभी ट्रेनें पुनः सामान्य रूप से चलने लगी हैं।

आम जनता और यात्रियों पर असर

घंटों चले इस उपद्रव के दौरान स्टेशन पर मौजूद सामान्य यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को पथराव में चोटें आईं और स्टेशन की दुकानों को आर्थिक नुकसान हुआ। यह घटना ऐसे समय में हुई जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शी बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी परीक्षाओं के दौरान रेलवे प्रशासन को विशेष ट्रेनें चलाने और भीड़ प्रबंधन की अग्रिम योजना बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो विशेष ट्रेनों की अनुपस्थिति एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि नीतिगत लापरवाही है। पथराव की निंदा ज़रूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा कैलेंडर जानते हुए भी यातायात प्रबंधन की कोई अग्रिम योजना क्यों नहीं बनाई गई। सीसीटीवी से आरोपी पकड़े जाएँगे, पर व्यवस्था की जवाबदेही तय किए बिना अगली परीक्षा में यही दृश्य दोहराया जा सकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाटलिपुत्र स्टेशन पर पथराव क्यों हुआ?
मद्य निषेध विभाग की परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुँचे थे, लेकिन कोई विशेष ट्रेन नहीं चलाई गई थी। उपलब्ध ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ और यात्रा व्यवस्था की कमी से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में कितने लोग घायल हुए और कितना नुकसान हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई यात्री और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। स्टेशन परिसर की अनेक दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। हालाँकि घायलों की सटीक संख्या अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
आईजी जितेंद्र राणा के अनुसार RPF, GRP और जिला पुलिस ने मिलकर भीड़ हटाई और ट्रेन सेवाएँ बहाल कीं। मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है।
उपद्रव कितनी देर तक चला और अब स्थिति क्या है?
पथराव और तोड़-फोड़ 14 जून की रात 12:30 बजे शुरू होकर सुबह 5 बजे तक जारी रही। पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से चलने लगी हैं।
भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी परीक्षाओं के दौरान रेलवे प्रशासन को पहले से विशेष ट्रेनें चलानी चाहिए और भीड़ प्रबंधन की अग्रिम योजना बनानी चाहिए। परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समन्वित यातायात व्यवस्था इस तरह की हिंसा को रोकने में सहायक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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