30 जुलाई 2026
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पाटलिपुत्र स्टेशन हिंसा पर आरजेडी का हमला: 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का नतीजा है यह उपद्रव'

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पाटलिपुत्र स्टेशन हिंसा पर आरजेडी का हमला: 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का नतीजा है यह उपद्रव'

सारांश

पाटलिपुत्र स्टेशन पर मद्य निषेध भर्ती परीक्षा के दौरान हुई हिंसा को आरजेडी ने बिहार सरकार की नाकामी का आईना बताया। मृत्युंजय तिवारी ने कहा — छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का यही अंजाम होता है। 1 करोड़ नौकरियों के वादे और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई अब सड़कों पर दिख रही है।

मुख्य बातें

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पाटलिपुत्र स्टेशन हिंसा के लिए बिहार सरकार की प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए उमड़ी भीड़ और उसके बाद पुलिस फायरिंग व पथराव की घटना हुई।
आरजेडी ने भाजपा-जेडीयू पर 1 करोड़ सरकारी नौकरियों के चुनावी वादे से मुकरने का आरोप लगाया।
तिवारी ने मोदी-ट्रंप प्रस्तावित बैठक पर कहा कि भारत को ट्रंप के सामने नहीं झुकना चाहिए, 140 करोड़ जनता यही चाहती है।
कोलकाता गोदाम आग में साजिश के टीएमसी के आरोपों को आरजेडी ने उचित बताया और जाँच की माँग की।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 14 जून को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ की घटना के लिए बिहार सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। तिवारी ने कहा कि मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए उमड़ी भीड़ और उसके बाद हुई हिंसा, राज्य में व्याप्त बेरोज़गारी और प्रशासनिक लापरवाही का प्रत्यक्ष परिणाम है।

पाटलिपुत्र स्टेशन घटना: आरजेडी की प्रतिक्रिया

मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'पाटलिपुत्र स्टेशन पर घटी घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने के लिए जिस तरह स्टेशन पर भीड़ उमड़ी, वह दिखाता है कि बिहार में कितनी बेरोज़गारी है।' उन्होंने आगे कहा कि 'छात्रों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर यही स्थिति उत्पन्न होगी।' तिवारी ने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस ने छात्रों पर गोलियाँ चलाईं और छात्रों ने पथराव किया।

तिवारी ने छात्रों से धैर्य रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए दोषियों की जाँच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'सरकार को परीक्षा के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी।'

आरजेडी का भाजपा-जेडीयू पर निशाना

आरजेडी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए भाजपा-जेडीयू सरकार पर 1 करोड़ सरकारी नौकरियों के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। पार्टी ने लिखा कि 'अखबारी सरकार बयानबाज़ी छोड़ बहाली निकाले और पर्याप्त संख्या में निकाले।' आरजेडी ने यह भी माँग की कि परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि परीक्षार्थियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी कठिनाई न हो।

पार्टी ने कहा कि बिहार पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) की प्रक्रिया शुरू करने में ही सरकार के 'हाथ-पैर फूल रहे हैं।' आरजेडी के अनुसार, 'करोड़ों युवा बेरोज़गार हैं, हताश हैं, पर सरकार को अपना काम छोड़ बयानबाज़ी में व्यस्त है।'

मोदी-ट्रंप बैठक पर आरजेडी का रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठक पर तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'अबकी बार ट्रंप सरकार' बनाने गए थे। जब से ट्रंप सरकार बनी है, तब से पता चला है कि भारत को क्या मिला है।' तिवारी ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता यही चाहती है कि ट्रंप के सामने झुकना नहीं चाहिए।

कोलकाता गोदाम आग: साजिश के आरोपों पर आरजेडी

कोलकाता के गोदाम में लगी आग के पीछे साजिश के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आरोपों पर आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि 'टीएमसी जो आरोप लगा रही है, वह सही है। इतने बड़े पैमाने पर आग लगना जाँच का विषय है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद ईवीएम जलने की घटना ने कई सवाल उठाए हैं, जो 'कहीं न कहीं विपक्ष के आरोपों को मज़बूत करती है।'

आगे क्या होगा

पाटलिपुत्र स्टेशन हिंसा की जाँच की माँग अब विपक्ष की ओर से तेज़ होती दिख रही है। आरजेडी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने बेरोज़गार युवाओं के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो राज्य में इस तरह की घटनाएँ दोहराई जा सकती हैं। गौरतलब है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह घटना राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से चले आ रहे रोज़गार के खोखले वादों की देन है। आरजेडी का हमला राजनीतिक ज़रूर है, लेकिन 1 करोड़ नौकरियों के वादे और टीआरई-4 जैसी बुनियादी भर्ती प्रक्रियाओं में अटकी सरकार के बीच की खाई को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार परीक्षा-प्रबंधन की न्यूनतम ज़िम्मेदारी भी निभा पाई — और यदि नहीं, तो जवाबदेही कौन तय करेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हिंसा क्यों हुई?
मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पर उमड़े, जिससे अव्यवस्था फैली और तोड़फोड़ की घटना हुई। पुलिस ने फायरिंग की और छात्रों ने पथराव किया।
आरजेडी ने इस घटना के लिए किसे दोषी ठहराया?
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बिहार की भाजपा-जेडीयू सरकार को दोषी ठहराया। उनका कहना है कि सरकार ने परीक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की और बेरोज़गारी की समस्या को नज़रअंदाज़ किया।
भाजपा-जेडीयू ने बिहार के युवाओं से क्या वादा किया था?
भाजपा-जेडीयू ने बिहार विधानसभा चुनाव में 1 करोड़ सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया था। आरजेडी का आरोप है कि सरकार इस वादे को पूरा करने में विफल रही है और बिहार पुलिस तथा शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) जैसी प्रक्रियाएँ भी अटकी हुई हैं।
मोदी-ट्रंप बैठक पर आरजेडी का क्या कहना है?
आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नहीं झुकना चाहिए और देश की 140 करोड़ जनता भी यही चाहती है। उन्होंने ट्रंप सरकार बनने के बाद भारत को मिले लाभ पर सवाल उठाए।
कोलकाता गोदाम आग पर आरजेडी का क्या रुख है?
आरजेडी ने टीएमसी के साजिश के आरोपों को उचित बताया और कहा कि इतने बड़े पैमाने पर आग लगना जाँच का विषय है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलने की घटना का भी हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
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