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पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का उपद्रव: एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़, पुलिस ने की हवाई फायरिंग

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पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का उपद्रव: एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़, पुलिस ने की हवाई फायरिंग

सारांश

बिहार पुलिस की मद्य निषेध भर्ती परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी की। पुलिस को 3 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। आईजी जितेंद्र राणा समेत कुछ कर्मी मामूली घायल हुए। स्थिति अब नियंत्रण में है।

मुख्य बातें

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर 14 जून की देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग भर्ती परीक्षार्थियों ने उपद्रव मचाया।
अभ्यर्थियों ने कटिहार जाने वाली एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी की।
पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए 3 राउंड हवाई फायरिंग की।
आईजी जितेंद्र राणा और रूपसपुर थाना प्रभारी मामूली रूप से घायल हुए; कोई गंभीर चोट नहीं।
लगभग 200-250 अभ्यर्थी ट्रेन रोकने में शामिल थे; असामाजिक तत्वों के मिले होने की भी सूचना।
स्थिति अब नियंत्रण में, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, सभी ट्रेनें फिर से चालू।

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार, 14 जून की देर रात उस समय भारी हंगामा हो गया जब बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों ने कटिहार जाने वाली एग्जाम स्पेशल ट्रेन में सवार होने को लेकर उपद्रव मचाया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तीन राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

परीक्षा दो पालियों में निर्धारित थी, जिसके लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रात में ही स्टेशन पहुँच गए थे। पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए चलाई गई एग्जाम स्पेशल ट्रेन में चढ़ने को लेकर अभ्यर्थियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। नाराज छात्रों ने ट्रेन के आगे धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा ट्रेन में तोड़फोड़ किए जाने की भी सूचना मिली।

पुलिस की प्रतिक्रिया और अधिकारियों की तैनाती

हंगामे की सूचना पाते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुँची। आईजी जितेंद्र राणा और एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं स्टेशन पर तैनात हुए। आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस बल ने संयुक्त रूप से भीड़ को हटाने की कोशिश की। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू की, तो पुलिस ने जान-माल की सुरक्षा के लिए तीन राउंड हवाई फायरिंग की। आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगी, जबकि रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए।

अधिकारियों के बयान

आईजी जितेंद्र राणा ने बताया, 'यहाँ लगभग 200-250 छात्र थे जो ट्रेन को चलने से रोक रहे थे। जब पुलिस ने आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस बल के साथ मिलकर उन्हें रास्ता खाली करने के लिए मनाने की कोशिश की, तो उनमें से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पुलिस ने जरूरी कार्रवाई की। भीड़ को हटा दिया गया और अब सभी ट्रेनें फिर से चलने लगी हैं। हमारे कुछ कर्मियों को भी पत्थर लगे, हालाँकि कोई गंभीर चोट या बड़ी समस्या नहीं है।'

डीएम डॉ. त्यागराजन ने कहा, 'देर रात सूचना मिली कि कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था और दो स्पेशल ट्रेनें पहले से वहाँ मौजूद थीं। कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और पत्थरबाजी करने लगे। इसके बाद न्यूनतम बल का उपयोग कर भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

आम जनता और ट्रेन परिचालन पर असर

हंगामे के दौरान पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेन परिचालन कुछ समय के लिए बाधित रहा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रति अभ्यर्थियों में पहले से ही असंतोष की भावना देखी जाती रही है। गौरतलब है कि बिहार में परीक्षा-संबंधी व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध यह पहली घटना नहीं है।

क्या होगा आगे

फिलहाल स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस एवं रेलवे प्रशासन अभ्यर्थियों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं। डीएम डॉ. त्यागराजन के अनुसार स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उपद्रव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो गुस्सा फूटना तय है। असली सवाल यह है कि परीक्षा आयोजकों ने अभ्यर्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त परिवहन व्यवस्था क्यों नहीं की। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ निंदनीय है, लेकिन प्रशासनिक विफलता को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामा क्यों हुआ?
बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों को कटिहार जाने वाली एग्जाम स्पेशल ट्रेन में जगह नहीं मिली, जिससे अफरा-तफरी और विरोध शुरू हो गया। नाराज छात्रों ने ट्रेन रोककर धरना दिया और कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी व तोड़फोड़ की।
पुलिस ने हवाई फायरिंग क्यों की?
जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और रेलवे अधिकारियों पर पत्थरबाजी शुरू की, तो जान-माल की सुरक्षा के लिए पुलिस ने 3 राउंड हवाई फायरिंग की। आईजी जितेंद्र राणा के अनुसार यह न्यूनतम बल का उपयोग था।
क्या कोई गंभीर रूप से घायल हुआ?
आईजी जितेंद्र राणा और रूपसपुर थाना प्रभारी मामूली रूप से घायल हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई गंभीर चोट या बड़ी समस्या नहीं है।
घटना के बाद स्थिति अभी कैसी है?
डीएम डॉ. त्यागराजन के अनुसार स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सभी ट्रेनें फिर से चालू हो गई हैं।
इस घटना में कितने अभ्यर्थी शामिल थे?
आईजी जितेंद्र राणा के अनुसार लगभग 200-250 छात्र ट्रेन को रोकने में शामिल थे। प्रशासन के मुताबिक इनके बीच कुछ असामाजिक तत्व भी मिल गए थे जिन्होंने पत्थरबाजी की।
राष्ट्र प्रेस
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