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मराठा आरक्षण: फडणवीस की जरांगे से अपील — गणेशोत्सव में मुंबई आंदोलन पर करें पुनर्विचार

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मराठा आरक्षण: फडणवीस की जरांगे से अपील — गणेशोत्सव में मुंबई आंदोलन पर करें पुनर्विचार

सारांश

गणेशोत्सव के बीच मुंबई में टकराव का खतरा — मुख्यमंत्री फडणवीस की अपील के बावजूद जरांगे पाटिल 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर अडिग हैं। मराठा आरक्षण का यह गतिरोध एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति को केंद्र में ले आया है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 14 सितंबर 2026 को मनोज जरांगे पाटिल से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में आंदोलन पर पुनर्विचार की अपील की।
जरांगे पाटिल ने 15 सितंबर से मार्च और 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन का ऐलान किया है।
सरकार का दावा है कि अधिकांश मांगें पूरी कर दी गई हैं; शेष मुद्दे न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अधीन हैं।
कैबिनेट उप-समिति अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने राजपत्र अधिसूचना, कुनबी प्रमाण पत्र वितरण और अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम आवंटन का हवाला दिया।
जरांगे पाटिल ने विखे पाटिल पर गजट लागू करने में देरी और समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 सितंबर 2026 को मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल से अनुरोध किया कि वे गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर फिर से विचार करें, और कहा कि इस पर्व के बीच भूख हड़ताल करना किसी के हित में नहीं है। जरांगे पाटिल ने 15 सितंबर से मार्च और 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री का बयान

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय की लगभग सभी प्रमुख मांगें पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा, 'लगभग सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं। कुछ मुद्दे अभी अदालतों के सामने हैं या विभिन्न प्रशासनिक चरणों में हैं। हमने बताया है कि संविधान या अदालतों द्वारा तय दायरे से बाहर की मांगें सीधे तौर पर नहीं मानी जा सकतीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि गणेशोत्सव के दौरान विरोध प्रदर्शन से भक्तों को परेशानी होगी और इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

कैबिनेट उप-समिति का रुख

जल संसाधन मंत्री और मराठा आरक्षण पर कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने 'हर संभव कोशिश' की है और समुदाय की अधिकांश मुख्य मांगें पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि राजपत्र अधिसूचनाएं, जिलों में कुनबी प्रमाण पत्र वितरण और अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के लिए आवंटन जैसी प्रक्रियाएं पहले से चल रही हैं। विखे पाटिल ने भी जरांगे पाटिल से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में आंदोलन के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की।

जरांगे पाटिल का कड़ा रुख

सरकार के आश्वासनों को सिरे से खारिज करते हुए जरांगे पाटिल ने अल्टीमेटम दिया कि यदि तय समय-सीमा के भीतर सभी मुख्य मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 19 सितंबर से आजाद मैदान, मुंबई में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने विखे पाटिल और सरकारी उप-समिति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे गजट को लागू करने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं और मराठा समुदाय को गुमराह कर रहे हैं।

आम जनता और भक्तों पर असर

गौरतलब है कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे बड़ा सार्वजनिक पर्व है, जिसमें मुंबई में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। आजाद मैदान और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन से यातायात और कानून-व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर समन्वय जारी है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार की ओर से न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देकर तत्काल कार्रवाई की सीमा बताई जा रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार और आंदोलन के बीच यह गतिरोध नया नहीं है — कई दौर की बातचीत के बावजूद मूल मुद्दा अनसुलझा है। यदि जरांगे पाटिल अपने अनशन पर अडिग रहे, तो राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव और तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आश्वासन और अल्टीमेटम के बावजूद मराठा आरक्षण का मूल संवैधानिक सवाल अनसुलझा है। फडणवीस की 'न्यायिक सीमा' की दलील तकनीकी रूप से सही हो सकती है, लेकिन यह समुदाय की राजनीतिक बेचैनी को संबोधित नहीं करती। गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन की टाइमिंग जरांगे पाटिल की रणनीतिक चतुराई को दर्शाती है — अधिकतम मीडिया और जन-दबाव का लाभ उठाने का प्रयास। असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार न्यायालय की सीमाओं के भीतर ऐसा कोई ठोस कदम उठा सकती है जो आंदोलन की तीव्रता को कम कर सके, अन्यथा यह गतिरोध राज्य की कानून-व्यवस्था और महायुति सरकार की राजनीतिक साख दोनों के लिए चुनौती बन सकता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज जरांगे पाटिल 19 सितंबर से क्या करने वाले हैं?
जरांगे पाटिल ने 19 सितंबर 2026 से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। इससे पहले वे 15 सितंबर से मुंबई की ओर मार्च शुरू करेंगे।
CM फडणवीस ने जरांगे पाटिल से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जरांगे पाटिल से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में विरोध प्रदर्शन के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस पर्व के दौरान भूख हड़ताल से भक्तों को परेशानी होगी और यह किसी के लिए उचित नहीं है।
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण पर अब तक क्या किया है?
सरकार के अनुसार राजपत्र अधिसूचनाएं, जिलों में कुनबी प्रमाण पत्र वितरण और अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के लिए आवंटन जैसे कदम उठाए जा चुके हैं। कैबिनेट उप-समिति अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के अनुसार अधिकांश मुख्य मांगें पूरी कर ली गई हैं।
जरांगे पाटिल ने विखे पाटिल पर क्या आरोप लगाए?
जरांगे पाटिल ने राधाकृष्ण विखे पाटिल और सरकारी उप-समिति पर आरोप लगाया कि वे गजट को लागू करने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं और मराठा समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के आश्वासनों को अपर्याप्त बताते हुए अनशन का फैसला कायम रखा।
मराठा आरक्षण विवाद अभी किस स्तर पर है?
मराठा आरक्षण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार का कहना है कि संविधान और न्यायालयों द्वारा तय दायरे से बाहर की मांगें सीधे तौर पर नहीं मानी जा सकतीं, जबकि जरांगे पाटिल इसे टालमटोल की रणनीति मानते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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