भारतीय महिला टीम का पाक अधिकारी से ट्रॉफी न लेना राष्ट्रवादी फैसला: BJP प्रवक्ता आरपी सिंह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत और ट्रॉफी विवाद, 'वंदे मातरम' का सम्मान, पश्चिम बंगाल में मदरसों पर कार्रवाई, समान नागरिक संहिता (UCC) और ब्रिक्स सम्मेलन शामिल रहे। उन्होंने महिला टीम के पाकिस्तानी अधिकारी से ट्रॉफी न लेने के फैसले को 'राष्ट्रवादी कदम' करार दिया और कहा कि पूरा देश इसका स्वागत करेगा।
ट्रॉफी विवाद पर BJP का रुख
आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी को लेकर जो फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय है और उसे पूरे राष्ट्र का समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार होने वाले कथित आतंकी हमलों के प्रति भारतीय खिलाड़ियों में स्वाभाविक नाराज़गी है और इसी भावना के तहत टीम ने यह रुख अपनाया। उन्होंने इसे एक 'राष्ट्रवादी फैसला' बताते हुए देश की जनता से इसके समर्थन की अपील की।
'वंदे मातरम' और कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी
भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट मैच के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के मुद्दे पर आरपी सिंह ने कहा कि देश में इस राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर स्पष्ट नीति होनी चाहिए। उनके अनुसार इसे पूरा गाया जाना चाहिए और इसका सम्मान राष्ट्रगान के समकक्ष किया जाना चाहिए — जो इसका पालन न करे, उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा, आरोप लगाया कि पार्टी अपने स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों से दूर हट गई है और उसकी वर्तमान विचारधारा में मूलभूत बदलाव आ चुका है।
पश्चिम बंगाल के 252 मदरसों पर प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद किए जाने के मुद्दे पर आरपी सिंह ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मदरसे के शिक्षक का संबंध किसी आतंकी संगठन से पाया जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उनकी मांग रही कि पश्चिम बंगाल सरकार केवल संस्थान के नाम पर नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और गतिविधियों की जाँच के आधार पर कार्रवाई करे।
UCC और महिलाओं के अधिकार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का आरपी सिंह ने स्वागत किया जिसमें कहा गया कि BJP शासित राज्यों में 2029 तक समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने UCC को महिला अधिकारों से सीधे जोड़ते हुए तर्क दिया कि यह संहिता मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक और बहुविवाह जैसी समस्याओं से राहत दिलाएगी। उनके अनुसार यह समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।
ब्रिक्स सम्मेलन और मोदी की कूटनीति
ब्रिक्स सम्मेलन के डिनर मेन्यू पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को मेन्यू की बजाय ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परस्पर मतभेद रखने वाले देशों का एक साझे घोषणापत्र पर सहमत होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक सफलता है। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स मंच पर मोदी के उस संदेश का समर्थन किया जिसमें कहा गया कि तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों का इस्तेमाल किसी देश पर दबाव बनाने के औज़ार के रूप में नहीं होना चाहिए। आने वाले दिनों में इन बयानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ होने के संकेत हैं।