फडणवीस का उद्धव ठाकरे को खुला चैलेंज: 'राम रक्षा स्तोत्र' पढ़कर दिखाएं, हताशा में बयानबाजी बंद करें
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 14 जुलाई को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी कि वे कम से कम 'राम रक्षा स्तोत्र' के दो पन्ने पढ़कर दिखाएं। मुंबई में मीडिया से बातचीत में फडणवीस ने यह टिप्पणी उस समय की, जब ठाकरे ने 18 जुलाई को नागपुर में 'राम रक्षा' आंदोलन की घोषणा की है।
मुख्य घटनाक्रम
उद्धव ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर 18 जुलाई को नागपुर में 'राम रक्षा' आंदोलन की घोषणा की है। इससे पहले इसी मुद्दे पर मुंबई में भी प्रदर्शन हो चुका है। फडणवीस ने इस आंदोलन की वैधता पर सीधा सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'मेरी सिर्फ इतनी अपेक्षा है कि उद्धव ठाकरे कम से कम राम रक्षा स्तोत्र के दो पन्ने पढ़ लें। भगवान राम के नाम पर राजनीतिक आंदोलन करना ठीक नहीं है। पिछली बार भी वे राम रक्षा नहीं पढ़ पाए थे। अगर वे तैयार हों तो मैं उनके साथ बैठकर राम रक्षा का पाठ करने को तैयार हूं। मुझे पूरा राम रक्षा स्तोत्र कंठस्थ है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'यह कैसा आंदोलन है कि आप 'राम रक्षा' आंदोलन शुरू करते हैं, लेकिन राम रक्षा स्तोत्र पढ़ भी नहीं सकते?'
उद्धव पर 'हताशा' का आरोप
फडणवीस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर उद्धव ठाकरे की हालिया टिप्पणी को भी खारिज कर दिया। ठाकरे ने कहा था कि वांगचुक की बुद्धिमत्ता का उपयोग देश के लिए होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार ऐसे लोगों को देशद्रोही बताकर जेल भेज रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर उनसे फोन पर बात की।
इस पर फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'उद्धव ठाकरे एक निराश, हताश और परेशान व्यक्ति हैं। उनका राजनीतिक अस्तित्व लगातार कमजोर हो रहा है। सोनम वांगचुक हो या कोई और मुद्दा, वे केवल अपनी हताशा के कारण बयान दे रहे हैं।'
शिंदे का भी हमला
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'उनकी स्थिति ऐसी है जैसे अपना घर जल रहा हो और वे दूर पहाड़ पर लगी आग बुझाने दौड़ रहे हों। यूबीटी गुट हर उस व्यक्ति का समर्थन करता है जो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करता है — चाहे सोनम वांगचुक का आंदोलन हो या श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश के उदाहरण। उनका मकसद केवल राजनीतिक लाभ लेना है।'
राहुल गांधी के सवालों का जवाब
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले पर सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपियों को परीक्षा से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
फडणवीस ने कहा, 'मुझे नहीं पता राहुल गांधी ने यह पोस्ट भारत से किया या विदेश से, क्योंकि वे अक्सर यात्रा पर रहते हैं। गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा निकले हैं। हमारी सरकार की त्वरित कार्रवाई से दूसरे राज्यों में भी प्रश्नपत्र लीक होने से बच गए। अगली परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी।'
किसान ऋण माफी का विस्तार
फडणवीस ने राज्य की ऋण माफी योजना के विस्तार की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार ऐसे किसानों को भी राहत दी जा रही है, जो पहले की ऋण माफी योजनाओं में पात्र नहीं माने गए थे। सत्तारूढ़ दल के विधायक रणधीर सावरकर के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल की मांग पर राज्य सरकार ने पात्र किसानों के लिए ₹2 लाख तक के कर्ज माफी लाभ को बढ़ाने का फैसला किया है।
यह टकराव ऐसे समय में तेज हुआ है जब 18 जुलाई का नागपुर आंदोलन नज़दीक है और महायुति सरकार व शिवसेना (यूबीटी) के बीच राम-भक्ति की राजनीतिक दावेदारी का यह नया मोर्चा आगामी दिनों में और गर्म होने के आसार हैं।