चुमौकेदिमा IED विस्फोट: नागालैंड कांग्रेस ने हमले की निंदा की, शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले के शोखुवि स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर (ARTC) के निकट 14 जुलाई को हुए संदिग्ध IED विस्फोट में असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल शहीद हो गए और चार अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस कायरतापूर्ण हमले की नागालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (NPCC) ने कड़ी निंदा करते हुए शहीद जवान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मुख्य घटनाक्रम
NPCC के संचार विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इस विस्फोट को 'कायरतापूर्ण और निंदनीय कृत्य' करार दिया गया। पार्टी ने कहा कि हवलदार मोहम्मद इकबाल ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो अत्यंत पीड़ादायक है। घायल सुरक्षाकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी बयान में की गई।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
NPCC ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। पार्टी के अनुसार, इस प्रकार के हमले न केवल निर्दोष जीवन को खतरे में डालते हैं, बल्कि उस शांति और स्थिरता को भी क्षति पहुँचाते हैं जिसे नागालैंड के लोग दशकों के संघर्ष के बाद सहेजने में जुटे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य मेल-मिलाप, विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। NPCC ने कहा कि ऐसी घटनाएँ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनकी स्पष्ट निंदा होनी चाहिए।
जाँच की माँग
पार्टी ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जाँच कराने की माँग की है, ताकि इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार दंडित किया जा सके। गौरतलब है कि नागालैंड में IED हमलों का यह सिलसिला सुरक्षाबलों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।
आम जनता से अपील
NPCC ने राज्य के नागरिकों से शांति बनाए रखने, सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने और जाँच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की। पार्टी ने दोहराया कि नागालैंड के लोगों ने हमेशा मतभेदों के समाधान के लिए हिंसा के रास्ते को नकारा है।
आगे क्या
NPCC ने शांति, संवाद, लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति अपनी अटल प्रतिबद्धता दोहराई है। पार्टी ने शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य और शक्ति की कामना की। जाँच के नतीजों और सुरक्षाबलों की आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।