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नगालैंड आईईडी धमाका: शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल का पार्थिव शरीर पुंछ भेजा जाएगा, तलाशी अभियान तेज

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नगालैंड आईईडी धमाका: शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल का पार्थिव शरीर पुंछ भेजा जाएगा, तलाशी अभियान तेज

सारांश

नगालैंड के चुमौकेदिमा में आईईडी धमाके ने असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल को छीन लिया। आठ दिन पहले मणिपुर में भी ऐसे ही हमले में दो जवान शहीद हुए थे — पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों पर हमलों का यह सिलसिला गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

मुख्य बातें

असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल (28) , जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मूल निवासी, 14 जुलाई 2025 को नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में आईईडी धमाके में शहीद हुए।
धमाके में चार अन्य जवान घायल हुए; रक्षा विभाग के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।
असम राइफल्स महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा की उपस्थिति में सुखोवी ट्रेनिंग सेंटर में श्रद्धांजलि समारोह संभावित; पार्थिव शरीर पुंछ भेजा जाएगा।
अब तक किसी उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली ; तलाशी अभियान जारी।
यह धमाका 6 जुलाई 2025 को मणिपुर के उखरुल में असम राइफल्स पर हमले के आठ दिन बाद हुआ, जिसमें वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हुए थे।

नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में 14 जुलाई 2025 को हुए भीषण आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) धमाके में असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल की शहादत के बाद, मंगलवार को सुरक्षा बलों ने इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। धमाके में चार अन्य जवान घायल हुए थे, जिनकी हालत अधिकारियों के अनुसार अब स्थिर बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार दोपहर सुखोवी के पास असम राइफल्स के काफिले में शामिल एक वाहन से टकराने के बाद आईईडी में विस्फोट हुआ। यह धमाका असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एवं स्कूल, सुखोवी के निकट हुआ, जिससे पास खड़ी एक ऑटो-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विस्फोट के मलबे से एक आम नागरिक के पैर में भी चोट लगी।

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि घायल चारों जवानों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। धमाके के बाद असम राइफल्स और नगालैंड पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात कर तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है।

शहीद हवलदार को श्रद्धांजलि

शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल (28) जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मूल निवासी थे और असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर, सुखोवी से जुड़े हुए थे। मंगलवार दोपहर श्रद्धांजलि समारोह के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य भेजे जाने की संभावना है।

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा सेना और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुखोवी स्थित ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हो सकते हैं।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

नगालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, उपमुख्यमंत्री यांथुंगो पैटन और लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का संकल्प व्यक्त किया है। नगालैंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन या अन्य समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

क्षेत्रीय सुरक्षा परिप्रेक्ष्य

यह आईईडी धमाका 6 जुलाई 2025 की उस घटना के ठीक आठ दिन बाद हुआ, जब पड़ोसी राज्य मणिपुर के हिंसा प्रभावित उखरुल में इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर नुंगशांग कोंग के निकट संदिग्ध नगा हथियारबंद उग्रवादियों ने असम राइफल्स के वाहन पर घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए थे।

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बलों पर हमलों की आवृत्ति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। गौरतलब है कि एक पखवाड़े के भीतर असम राइफल्स के तीन जवानों की शहादत ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

आगे की कार्रवाई

सुरक्षा बल फिलहाल चुमौकेदिमा जिले में व्यापक तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि आईईडी किसने और किस संगठन के इशारे पर लगाया। हमले की जिम्मेदारी न लिए जाने से जाँच और जटिल हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि इस क्षेत्र में 'अज्ञात हमलावरों' की पुरानी रणनीति की याद दिलाता है। नगालैंड में सक्रिय विभिन्न उग्रवादी गुटों के बीच संघर्षविराम समझौतों के बावजूद इस तरह की घटनाएँ यह सवाल उठाती हैं कि क्या इन समझौतों की निगरानी पर्याप्त है। जब तक जवाबदेही का कोई ठोस तंत्र नहीं बनता, ये श्रद्धांजलि समारोह बार-बार दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नगालैंड के चुमौकेदिमा में आईईडी धमाका कब और कहाँ हुआ?
यह धमाका 14 जुलाई 2025 को सोमवार दोपहर चुमौकेदिमा जिले के सुखोवी के पास हुआ, जब असम राइफल्स के काफिले का एक वाहन आईईडी से टकराया। धमाका असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर के निकट हुआ।
शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल कौन थे?
हवलदार मोहम्मद इकबाल (28) जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मूल निवासी थे और सुखोवी स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एवं स्कूल से जुड़े हुए थे। मंगलवार को श्रद्धांजलि समारोह के बाद उनका पार्थिव शरीर पुंछ भेजे जाने की संभावना है।
धमाके के बाद घायल जवानों की क्या स्थिति है?
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार धमाके में घायल चारों असम राइफल्स जवानों की हालत स्थिर है और उनका उपचार जारी है। इसके अलावा एक आम नागरिक के पैर में भी मलबे से चोट लगी।
हमले की जिम्मेदारी किसने ली है?
नगालैंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन या अन्य समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा बल तलाशी अभियान के जरिए हमलावरों की पहचान करने में जुटे हैं।
क्या इससे पहले भी पूर्वोत्तर में असम राइफल्स पर हमला हुआ था?
हाँ, इस धमाके से महज आठ दिन पहले, 6 जुलाई 2025 को मणिपुर के उखरुल में इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर संदिग्ध नगा उग्रवादियों ने घात लगाकर असम राइफल्स के वाहन पर हमला किया था, जिसमें वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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