क्या मणिपुर में असम राइफल्स ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया?
सारांश
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इंफाल, 26 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम राइफल्स ने मणिपुर के काकचिंग जिले में एक गंभीर खतरे को रोक दिया है। शुक्रवार को, असम राइफल्स ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। इस ऑपरेशन की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की।
विशेष रूप से, असम राइफल्स ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से काकचिंग जिले के वांगू लमखाई रोड के नजदीक एक 8.467 किलोग्राम का आईईडी बरामद किया, जिसे तुरंत ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।
असम राइफल्स ने इस ऑपरेशन की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने लिखा, "असम राइफल्स ने वांगू पुलिस के साथ मिलकर मणिपुर के काकचिंग जिले में 8.467 किलो का आईईडी बरामद कर उसे सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया। इस डिवाइस में टीएनटी, स्प्लिंटर्स, स्क्रू और एक डेटोनेटर शामिल था, जिसे असम राइफल्स के बम निरोधक विशेषज्ञों ने कुशलता से निष्क्रिय किया, जिससे नागरिकों की जान को बड़ा खतरा टल गया।"
इससे पहले, 23 सितंबर को मणिपुर के विभिन्न जिलों में संयुक्त अभियानों के तहत सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने नौ कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 36 हथियार, कुछ आईईडी, मादक पदार्थ और अन्य युद्ध संबंधी सामान बरामद किया गया था।
इसके अलावा, मणिपुर में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर, बिष्णुपुर, चंदेल, थौबल, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में संयुक्त अभियान चलाए थे। इन अभियानों में 11 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से पांच हथियार, 6.9 करोड़ रुपए की अफीम, 690 लीटर नकली शराब और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई थी।
उससे पहले, 3 सितंबर को इंफाल पश्चिम के लामशांग और लैरेनकाबी क्षेत्रों से कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) के चार कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया था। उसी दिन बिष्णुपुर के बासीखोंग लाई लाम्पक में भारतीय सेना और लिरलबुंग पुलिस ने पीएलए के एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया था।