एनआईए ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन आतंकियों पर दायर किए गंभीर आरोप

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एनआईए ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन आतंकियों पर दायर किए गंभीर आरोप

सारांश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मणिपुर में असम राइफल्स ट्रक हमले के सिलसिले में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोप लगाए हैं। इस हमले में दो जवान शहीद हुए थे, जिससे देश में हलचल मच गई है।

Key Takeaways

  • एनआईए ने पीएलए के तीन आतंकियों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं।
  • हमले में दो जवान शहीद हुए थे।
  • आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • यह हमला आतंक फैलाने की साजिश के तहत किया गया था।
  • एनआईए ने जांच का कार्यभार नवंबर २०२५ में संभाला।

नई दिल्ली, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को असम राइफल्स ट्रक हमले के मामले में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के तीन सदस्यों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं। इस हमले में पिछले वर्ष मणिपुर में अर्धसैनिक बल के दो जवान शहीद हुए थे।

इंफाल (मणिपुर) में स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में दायर आरोपपत्र में तीनों आरोपियों पर बीएनएस, शस्त्र अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए (पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इन तीनों आरोपियों की पहचान थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा, खुंडोंगबम ओजी मेइतेई उर्फ केइलाल और इरेंगबम जुगिंद्रा मेइतेई उर्फ जुगिन मेइतेई के रूप में हुई है। सभी आरोपी मणिपुर के निवासी हैं और इन्हें पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह हमला, जो 33 असम राइफल्स के ट्रक पर सितंबर २०२५ में मणिपुर के बिष्णुपुर क्षेत्र के नामबोल सबल लीकाई में हुआ था, पीएलए द्वारा लोगों में आतंक फैलाने और देश को अस्थिर करने की योजना के तहत किया गया था।

एनआईए की जांच में पता चला है कि हमले के दिन, प्रतिबंधित हथियारों और विस्फोटक पदार्थों से लैस पीएलए के कार्यकर्ता नामबोल सबल लीकाई चौराहे पर इकट्ठा हुए थे और उन्होंने ट्रक पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में ट्रक को भारी नुकसान हुआ, जिसके परिणामस्वरूप असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

एनआईए ने नवंबर २०२५ में स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली थी।

Point of View

हमें आतंकवाद से लड़ने की आवश्यकता है। एनआईए द्वारा की गई कार्रवाई सकारात्मक कदम है, लेकिन यह जरूरी है कि हम इस मुद्दे की गंभीरता को समझें और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

एनआईए ने किसके खिलाफ आरोप दायर किए हैं?
एनआईए ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोप दायर किए हैं।
इस हमले में कितने जवान शहीद हुए?
इस हमले में दो असम राइफल्स के जवान शहीद हुए।
यह हमला कब हुआ था?
यह हमला सितंबर २०२५ में हुआ था।
आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान थोंग्राम सदानंद सिंह, खुंडोंगबम ओजी मेइतेई और इरेंगबम जुगिंद्रा मेइतेई के रूप में हुई है।
एनआईए ने जांच कब शुरू की थी?
एनआईए ने नवंबर २०२५ में स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली थी।
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